Ayodhya : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा, मैं सभी लोगों को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और यहां सभी संतों और..
'ये केवल दीप नहीं हैं, अंधकार और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद विश्वास की जीत..', दीपोत्सव पर बोले सीएम योगी |
Ayodhya : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा, मैं सभी लोगों को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और यहां सभी संतों और अतिथियों का स्वागत करता हूं. सीएम योगी ने दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
अयोध्या वह नगरी है, जहां धर्म ने मानव रूप में अवतार लिया, जहां भगवान राम सर्वत्र हैं. योगी ने कहा कि जब हमने 2017 में अयोध्या में पहला दीपोत्सव मनाया था तो हमारा एकमात्र उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना था कि जब पूरी दुनिया अंधकार का सामना कर रही थी. अयोध्या ने भगवान राम का स्वागत कैसे किया?
योगी आदित्यनाथ ने कहा, 500 वर्षों तक किस तरह का अपमान झेलना पड़ा था, हमारे बुजुर्गों किस प्रकार के संघर्षों से जूझे थे, ये दीप उसी की विजय का प्रतीक हैं. तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम तंबू में विराजमान थे. अब जब दीपोत्सव का नवम संस्करण होना है तब भगवान राम अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हैं.
'सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं..'
संबोधन में यह भी कहा कि हर दीप हमें एक याद दिलाता है, सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता है. सत्य की नियति होती है. विजय होने की, उस नियति के साथ सनातन धर्म लगातार 500 वर्षों तक संघर्ष करता रहा. उसी संघर्ष के परिणाम स्वरूप अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण है.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 में हमें जलाने के लिए दीये कम पड़ गए थे. हमें अयोध्या में केवल 25,000 मिट्टी के दीये मिले. हमने लोगों से अपील की और केवल 51,000 मिले थे, तब हमने प्रदेश भर से दीये इकट्ठा किये थे. तब जाकर 1 लाख 71 हजार दीये जल पाए थे. आज, पूरे भारत के संकल्प के रूप में अयोध्या में लाखों दीये जलाए गए हैं. ये केवल दीये नहीं हैं, बल्कि अपमान, अंधकार और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद विश्वास की जीत है.
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