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उत्तर प्रदेश में टल सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव

उत्तर प्रदेश में इस साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। इसका प्रमुख कारण अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का अभी तक गठन नहीं होना माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में टल सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव

फाइल फोटो |

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। इसका प्रमुख कारण अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का अभी तक गठन नहीं होना माना जा रहा है जिसके चलते पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया भी तय नहीं हो पा रही है। हालांकि पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर अप्रैल-मई ही होंगे।

इस साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित है त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित हैं। पंचायत चुनाव के लिए नियमानुसार पिछड़ी जातियों के आर्थिक सर्वेक्षण आवश्यक है। यह काम समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग करेगा। पंचायतीराज विभाग ने छह सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अगर भविष्य में बनने वाले इस आयोग ने अपनी सिफारिशें देने में 6 माह का समय मांग लिया तो चुनाव में देरी तय मानी जा रही है।

जनगणना में शामिल नहीं था ओबीसी जातियों का प्रतिशत

ओबीसी जातियों का प्रतिशत जनगणना में शामिल नहीं था। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार, राज्य की ग्रामीण आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 53.33% थी। जनगणना 2011 के अनुसार, राज्य में अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत क्रमशः 20.6982 और 0.5677 है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन वर्गों के लिए इतनी ही प्रतिशत सीटें आरक्षिप्त रहेंगी। 2021 के चुनाव में इसी सर्वे के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षण तय किया गया था। हालांकि, किसी भी ब्लॉक में ओबीसी की जनसंख्या 27% से अधिक होने पर भी ग्राम प्रधान के पद 27% से अधिक आरक्षित नहीं हो सकते। प्रदेश स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रतिशत रखना अनिवार्य है।

ओबीसी की आबादी के आंकड़ों को लेकर हुआ था विवाद

नगर निकाय के चुनाव में ओबीसी की आबादी के आंकड़ों को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर रिपोर्ट तैयार करवाई थी। पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए आयोग विभिन्न जिलों में जाकर ओबीसी की आबादी का सर्वे करेगा। उसके बाद ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी।

राजभर बोले – दो महीने में मिल जाएगी रिपोर्ट

यूपी के पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर अप्रैल-मई ही होंगे। जब उनसे पूछा गया कि आयोग अभी तक क्यों नहीं बना, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वे शीघ्र ही सीएम से मिलेंगे। उनका कहना है कि आयोग गठित होने के दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट दे देगा।

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