औरंगाबाद: ओबरा थाना क्षेत्र देवी मंदिर से चार वर्ष के अंतराल में एक ही महिला द्वारा दो बच्चों की चोरी कर ली गई...
चार साल में दो बच्चों की चोरी, ‘मां’ बनने की चाह में महिला ने मंदिर से उठाए मासूम |
औरंगाबाद: ओबरा थाना क्षेत्र देवी मंदिर से चार वर्ष के अंतराल में एक ही महिला द्वारा दो बच्चों की चोरी कर ली गई। मामले का खुलासा करते हुए ओबरा पुलिस ने मगध आईजी के निर्देश और गया पुलिस के सहयोग से इस कांड में शामिल तीन लोगों को गया के डेल्हा स्थित खरखुरा गांव से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रंजू देवी, उसके पति रविंद्र प्रसाद तथा उसकी बहन पौथु थाना क्षेत्र के झिंगुरी गांव निवासी मंजू देवी शामिल है।
दोनों बच्चों की चोरी में पकड़ी गई महिला रंजू ने बताया कि उसकी शादी गया जी जिले के ही कोंच थाना क्षेत्र के खजुरी मंजाठी गांव निवासी रविन्द्र पासवान के साथ हुई थी। मगर बच्चा नहीं होने के कारण उसे हमेशा बांझ होने के तानों से गुजरना पड़ता था। बच्चा नहीं जनने की टीस हमेशा बनी रही। रंजू ने बताया कि वह किसी बच्चे को गोद लेकर पालने की कोशिश में काफी रही मगर सफल नहीं हो सकी। इसी को लेकर वह एक बच्चे को प्राप्त करने की जुगत में लग गई।
वर्ष 2022 में वह इमामबाड़ा रोड अपने मायके आई थी। उसने देखा कि ओबरा देवी मंदिर में काफी महिलाएं वट सावित्री की पूजा कर रही है। वही उसने चार वर्षीय शिवम को देखा। जिससे उसका मन उसे पाने को व्याकुल हो उठा। फिर उसने शिवम को वहां से उठाया और डेल्हा ले आई। बच्चा चोरी की यह उसकी पहली घटना थी। शिवम को चोरी कर लाने के बाद उसे अपने साथ रखने लगी। उसका नाम बदलकर रौशन रखा। जिसका एडमिशन डीएवी में कराया और आज वह आठ वर्ष का हो गया।
रंजू ने बताया कि वह उसे अपने बेटे की तरह प्यार दिया जिससे शिवम काफी घुल मिल भी गया। अब उसे एक बेटी की चाह सताने लगी। फिर उसने प्लान बनाया और 16 मई 2026 को वट सावित्री पूजा के दिन अद्विक को देखा। उसके बाल काफी लंबे थे तो उसे लगा कि वह लड़की है। देख कि उसकी मां वट सावित्री पूजा में व्यस्त है। जैसे ही वह वट वृक्ष की परिक्रमा में लगी वैसे ही अद्विक को फुसलाया और लेकर निकल गई। लेकिन अद्विक के गायब होने के बाद उसकी खोज में जुटी पुलिस ने उस पकड़ लिया।
इस संबंध में ओबरा थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि अधिक की बरामदगी के बाद जब उसके साथ रहे रौशन की जानकारी जुटाई जाने लगी तो वह भी ओबरा से ही चार वर्ष पूर्व गायब हुआ शिवम पांडेय निकला। दोनों को हस्तगत करते हुए ओबरा लाया गया और उन्हें उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। हालांकि चार साल से रंजू के साथ रहने के कारण 8 वर्ष का हो चुका शिवम अपने असली मां और पिता को लगभग भूल चुका था।
लेकिन जब पुलिस ने उसका सामना उसकी असली मां से कराया तो वह पहचान गया। फिर मां अपने बेटे के गले से लिपटकर खूब रोई। अपनी असली मां से मिलने के बाद भी शिवम रंजू को भी मां ही मान रहा था और उससे हमेशा मिलते रहने की बात भी कही।
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