उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में जनगणना और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए मई माह में ही सरकारी कर्मचारियों का स्थानांतरण कर सकती है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में जनगणना और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए मई माह में ही सरकारी कर्मचारियों का स्थानांतरण कर सकती है। इसके लिए योगी सरकार जल्द स्थानांतरण नीति ला सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस वर्ष मई माह में ही तबादलों की प्रक्रिया पूरी कर लाने की योजना है। जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरे कर चुके कार्मिक स्थानांतरण नीति के दायरे में आएंगे। प्रदेश सरकार हर साल के लिए स्थानांतरण नीति जारी करती है। इसी के आधार पर समूह क, ख और ग के अधिकारियों का स्थानांतरण होता है।
अप्रैल-मई में ही नीति लागू करने की योजना
भरोसेमंद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में जनगणना और पंचायत चुनावों की संभावनाओं को देखते हुए इस बार कार्मिक विभाग ने अप्रैल-मई में ही स्थानांतरण नीति लाने और उसके आधार पर तबादलों की प्रक्रिया पूरी कर लेने की तैयारी की है। इसलिए स्थानांतरण नीति का मसौदा उच्चस्तर पर विचार-विमर्श और मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
सीमित प्रतिशत में होंगे तबादले, ऑनलाइन सिस्टम पर जोर
प्रस्तावित मसौदे के अनुसार, समूह क और ख के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत अधिकारियों की संख्या के अधिकतम 20% और समूह ग एवं घ के कार्मिकों के स्थानांतरण संवर्गवार कुल कार्यरत कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10% सीमा तक किए जा सकेंगे। समूह ग के लिए पटल परिवर्तन व क्षेत्र परिवर्तन के संबंध में पहले से चले आ रहे नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। स्थानांतरण यथासंभव मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम के आधार पर होंगे। मंदित बच्चों और चलने-फिरने में असमर्थ बाले दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की तैनाती समुचित इलाज वाले, स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर होगी।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/allahabad-hc-restores-teachers-after-20-years-of-service/157382
हाईकोर्ट ने 20 साल की सेवा के बाद बर्खास्त शिक्षकों को किया बहाल