महेश्वर। प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई 'वायरल गर्ल' मोनालिसा भोंसले के मामले ने अब एक गंभीर कानूनी...
महेश्वर। प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई 'वायरल गर्ल' मोनालिसा भोंसले के मामले ने अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि शादी के वक्त मोनालिसा नाबालिग थी। इस खुलासे के बाद प्रशासन और पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बड़ी कार्रवाई, खुलासे के बाद जन्म प्रमाण-पत्र निरस्त
जांच में पाया गया कि शादी के लिए जिस जन्म प्रमाण-पत्र का उपयोग किया गया था, वह फर्जी था। इसमें मोनालिसा की जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 दिखाई गई थी, जबकि अस्पताल के वास्तविक रिकॉर्ड के अनुसार उसकी सही जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 है। इसके बाद नगर परिषद महेश्वर द्वारा जारी फर्जी प्रमाण-पत्र को रद्द कर दिया गया है।
महेश्वर CMO को हटाया गया
फर्जी दस्तावेज जारी करने की लापरवाही या संलिप्तता के आरोप में महेश्वर नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को पद से हटा दिया गया है।
पति पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज
नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद, मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की पुलिस ने मोनालिसा के पति फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
जांच में यह आया सामने
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देशन में हुई इस जांच में पता चला कि शादी के समय (मार्च 2026) मोनालिसा की उम्र मात्र 16 वर्ष 2 महीने थी।
केरल में हुई थी शादी
यह मामला तब तूल पकड़ा जब मोनालिसा ने केरल के एक मंदिर में फरमान खान से शादी की थी। उस समय आधार कार्ड और फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर उसे बालिग बताया गया था।
माता पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत
मोनालिसा 'पारधी' जनजाति समुदाय से आती है। उसके माता-पिता ने पहले ही अपहरण और बहला-फुसलाकर शादी करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
ऐसे हुई प्रसिद्ध
यह मामला सोशल मीडिया पर तब वायरल हुआ था, जब महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष बेचते हुए मोनालिसा का वीडियो प्रसिद्ध हुआ था, जिसके बाद उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन और निकाह करने का दावा किया था।
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