ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने जा रहे संसदीय चुनावों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इसके लिए शांतिपूर्ण मतदान के उद्देश्य से चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने जा रहे संसदीय चुनावों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इसके लिए शांतिपूर्ण मतदान के उद्देश्य से चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव के परिणाम शुक्रवार को आने की उम्मीद है। ये चुनाव 2024 के छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद आवामी लीग की शेख हसीना के लंबे समय से चले आ रहे शासन के अंत के 18 महीने बाद हो रहे हैं। इस शासन के अंत के साथ उम्मीद की जा रही है कि दक्षिण एशिया के इस पड़सी देश में व्यापक जिम्मेदारी वाली और सुधरी लोकतांत्रिक सरकार आएगी।
शांतिपूर्ण मतदान पर फोकस
20 दिनों से चल रहे जोरदार सरकारी अभियान के कल समाप्त होने के बाद अब फोकस इस बात पर है कि कैसे पौने तेरह करोड़ वैध मतदाता वाले देश में एक दिन में शांतिपूर्ण चुनाव कराए जाएं। इस चुनाव के जरिए 300 संसदीय सीटों में से 299 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। एक सीट पर उम्मीदवारों की मौत के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया है। इस चुनाव के बाद मतदाता जुलाई के नेशनल चार्टर पर एक जनमत संग्रह में भी भाग लेंगे जो सांविधानिक और संस्थागत परिवर्तनों का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह नेशनल चार्टर भावी गवर्नेंस की दिशा तय करेगा।
बांग्लादेश चुनाव के लिए 394 पर्यवेक्षक पहुंचे
ढाका। कम से कम 394 अंतर्राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक और 197 विदेशी पत्रकार बांग्लादेश में 12 फरवरी को हो रहे संसदीय चुनाव और जुलाई के नेशनल चार्टर पर जनमत संग्रह के पर्यवेक्षण के लिए पहुंच चुके हैं। बुधवार को प्रेस विंग के मुख्य सलाहकार ने यह जानकारी दी। इनमें से 240 पर्यवेक्षक द्विपक्षीय देशों के हैं। उनमें स्वतंत्र यूरोपीय पर्यवेक्षक है। बाकी 51 विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के हैं।
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