इस्लामाबाद में बातचीत विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समय) को इस बात पर उदासीनता व्यक्त की कि ईरान वार्ता के टेबल पर लौटेगा या नहीं।
वाशिंगटन (अमेरिका)। इस्लामाबाद में बातचीत विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समय) को इस बात पर उदासीनता व्यक्त की कि ईरान वार्ता के टेबल पर लौटेगा या नहीं। संयुक्त सैन्य अड्डा एन्ड्रियू पर संवाददाओं से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बहुत ही बुरी स्थित में है और निराश है। ट्रंप ने फिर दोहराया कि ईरान की सैन्य ताकत अब काफी कमजोर हो चुकी है और बातचीत में उसके पास अब कोई मजबूत विकल्प नहीं बचा है।
ट्रंप का दावा: ईरान की सैन्य ताकत कमजोर, हालात बेहद खराब
ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में ट्रंप ने कहा कि तेहरान की हालत बहुत खराब है। उसके पास अब कोई ताकत नहीं बची है। उन्होंने दावा किया कि उसकी नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई जहाज समुद्र में डूब चुके हैं और उसके पास अब नए और मजबूत जहाज भी नहीं बचे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईरान के पास परमाणु शस्त्र नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि ईरान बातचीत के लिए फिर आएगा। अगर नहीं आएगा तो भी ठीक है, उनको इसकी कोई परवाह नहीं है।
ईरान को नहीं रखने देंगे परमाणु हथियार
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, "अमेरिका स्थिति को किसी और से बेहतर समझता है। ट्रंप ने दोहराया कि 'ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। ऐसा संभव ही नहीं है।' उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'वे अब भी परमाणु हथियार चाहते हैं और उन्होंने पिछली रात शांतिवार्ता में यह स्पष्ट कर दिया। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।' दोनों पक्षों के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'मुझे नहीं पता। मुझे परवाह नहीं कि वे बातचीत शुरू करेंगे या नहीं। अगर वे बातचीत शुरू नहीं करते हैं, तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है।'
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