संयुक्त राष्ट्र में ईरानी राजदूत अमीर सईद इरवानी ने अमेरिका पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि उसने आईआरआईएस 'डेना' को डूबाकर अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है, यह युद्ध अपराध है।
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में ईरानी राजदूत अमीर सईद इरवानी ने अमेरिका पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि उसने आईआरआईएस 'डेना' को डूबाकर अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है, यह युद्ध अपराध है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर इरवानी ने कहा कि ईरानी समुद्र तट से करीब दो हजार मील की दूरी पर ईरनी जहाज को डूबाकर अमेरिका ने हमले का खतरनाक कृत्य किया है। यह ईरानी फ्रिगेड सद्भावना यात्रा और भारत के निमंत्रण गया था। उसपर 130 नौसैनिक सवार थे। इसमें करीब 100 ईरानी सैनिक शहीद हुए हैं।
नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप
अमीर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 1,332 ईरानी नागरिक मारे गए हैं और हजारों अन्य घायल हुए हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी का हवाला देते हुए इरावानी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि देश भर में 180 से अधिक बच्चे मारे गए हैं और 20 से अधिक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
जानबूझकर बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा
उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने जानबूझकर पूरे ईरान में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे यह प्रदर्शित होता है कि वे "अपने अपराधों को अंजाम देने में किसी भी सीमा रेखा को नहीं मानते हैं।" इरावानी ने कहा कि ईरानी शहरों पर अंधाधुंध हमले किए जा रहे हैं, और घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
अस्पतालों और खेल केंद्रों पर हुए हमले
उन्होंने कहा कि अब तक देश में 13 स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले हुए हैं, और गुरुवार को तेहरान और अन्य शहरों में कई नागरिक खेल और मनोरंजन सुविधाओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया, जिसमें 18 से अधिक महिला एथलीट मारी गईं और लगभग 100 अन्य घायल हो गए। राजदूत ने कहा, "उनका इरादा स्पष्ट है, नागरिकों को आतंकित करना, निर्दोष लोगों का नरसंहार करना।
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