काबुल । भारत की तरह अफगानिस्तान भी पाकिस्तान को जाने वाला पानी रोक सकता है। उसने कुनार नदी पर बांध बनाने की घोषणा की है। तालिबान सरकार का कहना है कि वह किसी विदेशी एजेंसी का इंतजार नहीं करेगी
अफगानिस्ता भी रोक सकता है पाकिस्तान का पानी
तालिबान ने कुनार नदी पर बांध बनाने की घोषणा की
काबुल । भारत की तरह अफगानिस्तान भी पाकिस्तान को जाने वाला पानी रोक सकता है। उसने कुनार नदी पर बांध बनाने की घोषणा की है। तालिबान सरकार का कहना है कि वह किसी विदेशी एजेंसी का इंतजार नहीं करेगी बल्कि स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से इस बांध का निर्माण पूरा करेगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारत ने पहले से ही पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर रखा है।
ऐसे में आने वाले समय में पाकिस्तान को पानी के गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। कुनार नदी अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह पाकिस्तान के चित्राल क्षेत्र से निकलती है। इसके पानी से पाकिस्तान खैबर पख्तुनवा क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। साथ ही हाइडिल प्रोजेक्ट के जरिए बिजली भी उत्पादित होती है। यह नदी अफगानिस्तान में करीब तीन सौ मील बहते हुए पुनः पाकिस्तान में जाकर काबुल नदी में मिल जाती है। इसके पहले अफगानिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा था कि चीन की एक कंपनी ने कुनार बांध पर तीन बांध बनाने के लिए निवेश की इच्छा जताई थी। इस बयान के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया। पाकिस्तान और चीन के रिश्ते पहले से ही काफी नजदीकी रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई कि यदि कोई चीन की कंपनी नदी पर तीन बांध बना देगी तो पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ जाएंगी, और पाकिस्तान उसका विऱोध नहीं कर पाएगा, लेकिन अब तालिबान सरकार ने यह घोषणा कर दी है कि वह किसी विदेशी कंपनी का इंतजार नहीं करेगी और अपनो संसाधनों से ही बांध का निर्माण कराएगी। नदी पर बांध बन जाने से पाकिस्तान में बिजली और सिंचाई के लिए पानी की कमी से संकट बढ़ जाएगा। गौरतलब है कि हाल में ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते परस्पर एक दूसरे पर हमले के बाद काफी खराब हो गए थे, और कतर के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ है।