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ट्रंप का पोप पर सीधा हमला, रिश्तों में खटास

ट्रंप ने पोप लियो 16वें को लताड़ा, बोले- 'मेरे बिना आप इस पद पर नहीं होते'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना पर पोप लियो 16वें के प्रति तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इससे ह्वाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव बढ़ गया है।

ट्रंप ने पोप लियो 16वें को लताड़ा बोले- मेरे बिना आप इस पद पर नहीं होते

Trump Lashes Out at Pope Leo XVI Over Foreign Policy Criticism |

वाशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना पर पोप लियो 16वें के प्रति तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इससे ह्वाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव बढ़ गया है। 'ट्रूथ सोशल' पर अपने लंबे पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अगर वे अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं चुने गए होते तो पोप फ्रांसिस के दिवंगत होने के बाद वे वेटिकन के सर्वोच्च पद पर आसीन नहीं होते।

विदेश नीति और अपराध पर पोप की आलोचना

ट्रंप ने साथ में यह भी कहा कि पोप अपराध के मुद्दे पर कमजोर हैं। उनकी विदेश नीति भी बेहद खराब मानी जा रही है। आलोचना में यह भी कहा गया कि पोप ट्रंप प्रशासन से डर की बात तो करते हैं, लेकिन उस दौर का जिक्र नहीं करते जब कोविड के समय चर्चों में प्रार्थना कराने पर पादरियों और धार्मिक नेताओं तक को गिरफ्तार किया जा रहा था। यहां तक कि खुले में दूरी बनाकर इकट्ठा होने पर भी कार्रवाई हुई।

MAGA विचारधारा और वैश्विक मुद्दों पर मतभेद

ट्रंप के बयान में पोप लियो के भाई लुईस की तारीफ करते हुए कहा गया कि वे 'मागा' विचारधारा को समझते हैं, जबकि लियो ऐसा नहीं कर पाते। साथ ही यह भी कहा गया कि ऐसा पोप स्वीकार्य नहीं है जो ईरान के परमाणु हथियार रखने को लेकर नरम रुख रखता हो या अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना करता हो। आरोप लगाया गया कि वेनेजुएला से भारी मात्रा में ड्रग्स अमेरिका भेजे जा रहे थे और वहां से अपराधियों को भी देश में धकेला जा रहा था, ऐसे में कार्रवाई जरूरी थी।

चुनाव, अर्थव्यवस्था और पोप के चयन पर सवाल

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति वही कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें भारी बहुमत से चुना गया था। अपराध दर को रिकॉर्ड स्तर तक कम करना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना। पोप लियो के चयन पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया कि उनका नाम पहले कहीं चर्चा में नहीं था और उन्हें सिर्फ इसलिए चुना गया क्योंकि वे अमेरिकी हैं, ताकि चर्च ट्रंप प्रशासन से बेहतर तालमेल बना सके।

राजनीति से दूरी रखने की सलाह, चर्च की छवि पर चिंता

इसके अलावा, पोप के कुछ राजनीतिक व्यक्तियों से मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। उन्हें सलाह दी गई कि वे राजनीति से दूरी बनाकर एक अच्छे धार्मिक नेता की भूमिका पर ध्यान दें। बयान के अंत में कहा गया कि इस तरह का रुख न सिर्फ पोप के लिए नुकसानदायक है, बल्कि कैथोलिक चर्च की छवि को भी प्रभावित कर रहा है।

पोप ने क्या कहा था

पोप लियो ने हाल में विश्व में चल रहे विवादों के प्रति वाशिंगटन के रुख की आलोचना की। इन विवादों में ईरान में जारी विवाद भी है। ईरान के संदर्भ में पोप ने शांति वार्ता का आह्वान किया।

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