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अधिकारियों के अपहरण से शिक्षकों में आक्रोश

ग्वादर में विश्वविद्यालय अधिकारियों के अपहरण से बवाल, पूरे बलूचिस्तान में विरोध

ग्वादर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के लापता होने के बाद बलूचिस्तान के शैक्षणिक जगत में आक्रोश और भय की लहर दौड़ गई है।

ग्वादर में विश्वविद्यालय अधिकारियों के अपहरण से बवाल पूरे बलूचिस्तान में विरोध

University Officials Abducted in Gwadar, Protests Erupt in Balochistan |

बलूचिस्तान (पाकिस्तान)। ग्वादर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के लापता होने के बाद बलूचिस्तान के शैक्षणिक जगत में आक्रोश और भय की लहर दौड़ गई है। इसके चलते प्रांत भर के विश्वविद्यालय शिक्षकों ने बिगड़ती असुरक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और काला दिवस मनाने की घोषणा की है। शैक्षणिक संघों के नेताओं ने अपहृत अधिकारियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि बिगड़ती कानून व्यवस्था प्रांत के शिक्षा क्षेत्र को संकट में धकेल रही है।

रास्ते से गायब हुए कुलपति और प्रो-वीसी

स्थानीय मीडिया 'डॉन' के मुताबिक कुलपति अब्दुल रज्जाक साबिर, प्रो-वाइस चांसलर सैयद मंजूर अहमद, व्याख्याता इरशाद अहमद और उनके साथ आए स्टाफ सदस्यों का पांच दिन पहले ग्वादर से मस्तुंग जिले से होते हुए क्वेटा जाते समय अपहरण कर लिया गया था। उनके लापता होने से विश्वविद्यालय शिक्षकों, छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के अकादमिक स्टाफ एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ ऑल पाकिस्तान यूनिवर्सिटीज अकादमिक स्टाफ एसोसिएशन (फापुआसा) की बलूचिस्तान शाखा ने एक संयुक्त घोषणा में मंगलवार को पूरे प्रांत में काला दिवस मनाने की घोषणा की है।

सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में होंगे विरोध-प्रदर्शन

सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन भी निर्धारित हैं। संकाय सदस्यों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों से अपहृत अधिकारियों की तत्काल रिहाई और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शनों में भाग लेने का आग्रह किया गया है। एसोसिएशनों ने जोर दिया कि बलूचिस्तान में शिक्षकों और बुद्धिजीवियों पर हमले चिंताजनक रूप से बढ़ गए हैं। उन्होंने बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के खुजदार परिसर में प्रोफेसर दिलावर खान की हाल ही में हुई हत्या और नुश्की में प्रख्यात ब्राहुई विद्वान प्रोफेसर ग़मख्वार हयात की हत्या का जिक्र किया।

विश्वविद्यालयों में है भय का माहौल

शिक्षाविदों ने तर्क दिया कि बार-बार होने वाली हिंसा, जबरन गायब किए जाने और लक्षित हत्याओं ने प्रांत के विश्वविद्यालयों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। अकादमिक नेताओं ने कहा कि लगातार बनी हुई असुरक्षा न केवल शिक्षकों और छात्रों के लिए बल्कि बलूचिस्तान में उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए भी खतरा है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कानून व्यवस्था बहाल करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। (एएनआई)

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