अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध की रणनीति केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कथित रूप से नेतृत्व परिवर्तन की भी योजना शामिल थी।
वाशिंगटन। अमेरिका के रक्षा विभाग The Pentagon ने मंगलवार (स्थानीय समय) को घोषणा की है कि यूरोप में तैनात अमेरिकी ब्रिगेड कॉम्बैट टीमों (BCTs) की संख्या चार से घटाकर तीन की जाएगी। इस फैसले के बाद यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी 2021 के स्तर के करीब पहुंच जाएगी।
यूरोप में तैनाती पर व्यापक समीक्षा
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने ‘X’ पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह निर्णय यूरोप में अमेरिकी सैन्य तैनाती की “व्यापक और बहु-स्तरीय समीक्षा प्रक्रिया” का हिस्सा है।
पोलैंड में तैनाती पर असर
उन्होंने बताया कि इस बदलाव के कारण Poland में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती में अस्थायी देरी हो सकती है, हालांकि अमेरिका वहां अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखेगा।
अमेरिका फर्स्ट नीति का प्रभाव
पार्नेल ने इस कदम को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि यूरोपीय सहयोगियों को क्षेत्रीय रक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
नाटो सहयोगियों पर भी दबाव
NATO के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अन्य सदस्य देशों को भी अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना होगा और अमेरिका पर निर्भरता कम करनी होगी।
पोलैंड के साथ बातचीत जारी
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पोलैंड के उप प्रधानमंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक-कामिश से इस फैसले पर चर्चा की है। पेंटागन ने कहा है कि समीक्षा प्रक्रिया के दौरान पोलैंड के साथ निरंतर समन्वय जारी रहेगा।
रणनीतिक संतुलन पर असर
विश्लेषकों के अनुसार यह कदम यूरोप में अमेरिकी सैन्य रणनीति में बदलाव का संकेत है, जिसमें अमेरिका धीरे-धीरे अपनी प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी को सीमित कर सहयोगी देशों पर अधिक जिम्मेदारी डाल रहा है।
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