प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • डोईवाला के मिसरवाला में सड़क किनारे बेहोश मिला युवक, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच कर रही पुलिस
  • देहरादून: धामी सरकार का डिजिटल क्रांति पर जोर, ई-गवर्नेंस से भ्रष्टाचार पर लगा अंकुश, अब घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं
  • प्रदेश में UCC लागू होने के एक साल पूरे होने पर 27 जनवरी को मनाया जाएगा UCC दिवस, देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का होगा आयोजन, मुख्यमंत्री धामी भी होंगे शामिल
  • ज्योतिर्मठ: चार धाम यात्रा के शीतकालीन गद्दी स्थलों सहित पंच बदरी के देव मंदिरों में उमड़ी पर्यटकों की भीड़, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की बढ़ोतरी हुई दर्ज
  • रुड़की: ठंड में सड़कों पर उतरे राज्यमंत्री विनय रोहिला, शीतकालीन व्यवस्थाओं का लिया जायजा, चौराहों पर अलाव की व्यवस्थाओं लिया जायजा
  • आज से दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर अमित शाह, ऋषिकेश के गीता भवन कार्यक्रम में होंगे शामिल
  • ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर युवराज की कार बरामद, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिली मृतक इंजीनियर की गाड़ी
  • हरदोई में दो पक्षों में जमकर हुआ विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ की गई, पुलिस की जांच में जुटी
  • अमरोहा में 18 साल के युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मामले की जांच में जुटी पुलिस

अमेरिकी टैरिफ संकट से निर्यातकों को मिलेगी मदद

केन्द्र ने निर्यातकों के लिए किया 4531 करोड़ के पैकेज का एलान

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाये गये के कारण देश के निर्यातकों कों गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार ने निर्यातकों को इस संकट से उबारने के लिए एक विशेष राहत पैकेज  की घोषणा की है.

केन्द्र ने निर्यातकों के लिए किया 4531 करोड़ के पैकेज का एलान

केन्द्र ने निर्यातकों के लिए किया 4531 करोड़ के पैकेज का एलान

अमेरिकी टैरिफ संकट से निर्यातकों उबारने की दिशा में उठाया कदम

नई दिल्ली।
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाये गये के कारण देश के निर्यातकों कों गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार ने निर्यातकों को इस संकट से उबारने के लिए एक विशेष राहत पैकेज  की घोषणा की है, जिसमें  क्रेडिट सहायता, निर्यात प्रोत्साहन मिशन और नए बाजारों की खोज  जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि  लॉजिस्टिक्स, कार्यशील पूंजी और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो सके और रोजगार सुरक्षित रहे।

अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ (शुल्क) के कारण भारतीय निर्यातकों को वस्त्र, चमड़ा, रत्न, कृषि और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और देश के निर्यात में गिरावट आई है। इस टैरिफ संकट के बीच केंद्र सरकार ने निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाने के लिए 4531 करोड़ रुपये की समर्थन योजना की शुरुआत की है। यह योजना सरकार के 25060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन का हिस्सा है। वर्ष 2025 से 2031 के बीच योजना पर 4531 करोड़ खर्च होंगे। वहीं, चालू वित्त वर्ष में 500 करोड़ अलग से तय किए गए हैं।

विदेश व्यापार विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक, मार्केट एक्सेस सपोर्ट योजना के तहत 2025 से 2031 के बीच छह वर्षों में ₹4,531 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें से ₹500 करोड़ की राशि FY 2025-26 के लिए निर्धारित की गई है। इस फंड का इस्तेमाल निर्यातकों की वैश्विक बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने और नए निर्यात अवसर तलाशने के लिए किया जाएगा। 

विदेश व्यापार महानिदेशक अजय भादू ने कहा, योजना के तहत खरीदारों-विक्रेताओं की बैठक, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों एवं विदेशी खरीदारों के भारत आकर निर्यातकों से सीधे बात करने वाले आयोजनों के लिए संगठित वित्तीय और संस्थागत सहयोग दिया जाएगा।

पांच साल का अग्रिम कैलेंडर तैयार होगा

उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन से पांच साल का अग्रिम कैलेंडर तैयार किया जाएगा, जिसमें प्रमुख मार्केट एक्सेस इवेंट्स को पहले से मंजूरी दी जाएगी। इससे निर्यातकों और आयोजन एजेंसियों को समय रहते योजना बनाने में मदद मिलेगी और बाजार विकास के प्रयासों में निरंतरता बनी रहेगी। 

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस योजना से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को विशेष लाभ मिले। इसके तहत समर्थित आयोजनों में कम से कम 35% भागीदारी MSMEs की अनिवार्य होगी। साथ ही, नए भौगोलिक क्षेत्रों और छोटे बाजारों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि निर्यात का विविधीकरण बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल का न्यूनतम आकार 50 प्रतिभागियों का तय किया गया है, हालांकि बाजार परिस्थितियों और रणनीतिक जरूरतों के अनुसार इसमें लचीलापन रखा गया है। 

आंशिक हवाई किराया सहायता भी दी जाएगी

सरकार ने छोटे निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक और अहम प्रावधान किया है। जिन निर्यातकों का पिछले वर्ष का निर्यात टर्नओवर ₹75 लाख तक रहा है, उन्हें आंशिक हवाई किराया सहायता दी जाएगी, ताकि नए और छोटे निर्यातक भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें। कुल मिलाकर, यह योजना भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती देने, नए बाजार खोलने और मौजूदा व्यापार चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाने वाली मानी जा रही है।

इसे भी पढ़ेंः

बांग्लादेश को अंधेरे युग में जाने से बचाएं: हसीना

https://www.primenewsnetwork.in/world/sheikh-hasina-alert-bangladesh-citizens/103247

Related to this topic: