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डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार

डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार, 90 के नीचे पहुंचा

भारतीय मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में आज भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार 90 के नीचे पहुंचा

डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार, 90 के नीचे पहुंचा |

Indian Rupee Recovers : भारतीय मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में आज भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के दौरान रूपये में आज भी गिरावट दिखी। रुपया डॉलर के मुकाबले लुढ़क कर 90.4325 के स्तर तक पहुंचा, जो कि घरेलू करेंसी का रिकॉर्ड निचला स्तर है। हालांकि निचले स्तरों पर पहुंचने के साथ ही रुपये में मजबूती देखने को मिली और भाव नब्बे रूपये के नीचे पहुंचकर 89.92 तक आ गया। आज की बढ़त के साथ रुपये में बीते 6 दिनों से चल रही कमजोरी भी खत्म हुई।

रुपये में उतार-चढ़ाव के बीच अब सबकी नजरें भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर रुपये की वजह से RBI द्वारा फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है। रिज़र्व बैंक शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति और रेपो रेट का एलान करेगा।

आरबीआई कल ब्याज दरों पर फैसला, बैंकिंग सिस्टम की तरलता पर कदम और रुपये की गिरावट को लेकर बयान जारी करेगा। भारतीय मुद्रा और शेयर बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा ये कल बाजार खुलने पर पता लगेगा। "CR Forex Advisors" के अमित पबारी ने कहा, अब निवेशक सिर्फ दरों का नहीं, गवर्नर के बयान में रुपये की दिशा भी देखना चाहते हैं।

मुख्य आर्थिक सलाहकार का बयान

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट को लेकर केन्द्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने एक बयान में कहा कि सरकार रुपये में गिरावट को लेकर चिंतित नहीं है, जो डॉलर के मुकाबले 90 के स्तर को पार कर गया है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रुपये में गिरावट का मुद्रास्फीति या निर्यात पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। नागेश्वरन ने कहा कि गिरता रुपया इस समय न तो महंगाई को प्रभावित कर रहा है और न ही निर्यात को। हालांकि आयात महंगा होने से पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स और जेम्स-ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने हालांकि अगले वर्ष रुपये में सुधार की उम्मीद जाहिर की।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कई विदेशी बैंकों द्वारा डॉलर बेचने से रुपये को सहारा मिला है। एक्सपर्ट्स की माने तो रुपये पर छोटी अवधि में दबाव बना रहेगा हालांकि अमेरिका से साथ ट्रेड डील होने की स्थिति पर रुपया मजबूती पकड़ेगा।

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