दीपिका पादुकोण ने हाल ही में शूटिंग में सिर्फ 8 घंटे काम करने की बात कही थी। इसके बाद खबरें आईं कि उन्हें ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 AD’ जैसी बड़ी फिल्मों से हटा दिया गया।
दीपिका की मांग पर बढ़ी चर्चा
दीपिका पादुकोण ने हाल ही में शूटिंग में सिर्फ 8 घंटे काम करने की बात कही थी। इसके बाद खबरें आईं कि उन्हें ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 AD’ जैसी बड़ी फिल्मों से हटा दिया गया। इस मुद्दे पर इंडस्ट्री के कई कलाकार अपनी राय दे रहे हैं।
राणा दग्गुबाती का साफ जवाब
टीएचआर इंडिया से बातचीत में राणा ने कहा कि फिल्में बनाना एक आम नौकरी जैसा नहीं है। उन्होंने कहा— “ये काम नहीं, बल्कि जिंदगी का हिस्सा है। हर फिल्म अलग मेहनत मांगती है। ये फैक्ट्री जैसा सेटअप नहीं है जहाँ 8 घंटे में परफेक्ट सीन बन जाए।”
हर फिल्म की अपनी जरूरतें
राणा का मानना है कि फिल्मों में समय बांधकर नहीं चला जा सकता, क्योंकि कहानी, लोकेशन, टेक्निकल काम—सब कुछ अलग-अलग चुनौतियां लेकर आता है।
दुलकर सलमान का अनुभव
दुलकर ने बताया कि मलयालम इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करना बहुत आम है। उन्होंने कहा— “काम कब खत्म होगा ये किसी को पता नहीं होता। हाँ, ये थकाने वाला जरूर होता है।”
तेलुगु फिल्म की शूटिंग का पहला अनुभव
दुलकर ने बताया कि 2018 में अपनी पहली तेलुगु फिल्म करते समय पहली बार ऐसा हुआ कि वे शाम 6 बजे घर जा सके। उनके लिए यह नया अनुभव था।
प्रोड्यूसर बनने पर भी मुश्किलें
दुलकर ने कहा कि वे प्रोड्यूसर हैं, लेकिन शेड्यूल छोटा करना हमेशा संभव नहीं होता। उनका मानना है— “एक दिन थोड़ा ज्यादा काम कर लेना, एक पूरा एक्स्ट्रा दिन शूट करने से बेहतर है।”
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