विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को कहा कि म्यांमार में पिछले डेढ़ साल में साइबर स्कैम के अड्डों में फंसे कुल 2,411 भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस लाया जा चुका है।
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को कहा कि म्यांमार में पिछले डेढ़ साल में साइबर स्कैम के अड्डों में फंसे कुल 2,411 भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस लाया जा चुका है। वहीं, 150 से अधिक भारतीयों के अभी भी वहां फंसे होने की आशंका है। म्यांमार के राष्ट्रपति की भारत यात्रा पर आयोजित एक विशेष ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत इस मुद्दे पर म्यांमार के साथ मिलकर काम कर रहा है। अभी भी फंसे हुए लोगों को वापस लाने की कोशिशें जारी हैं।
150 से अधिक भारतीय अब भी साइबर स्कैम अड्डों में फंसे
मिस्री ने कहा, "पिछले डेढ़ साल में हम म्यांमार में साइबर धोखाधड़ी के अड्डों से 2,400 से अधिक भारतीय नागरिकों को वापस लाने में सफल रहे हैं। अभी तक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक हमें लगभग 150 से अधिक भारतीय नागरिकों के बारे में पता चला है जो अभी भी इनमें से कुछ साइबर धोखाधड़ी के अड्डों में फंसे हुए हैं। इस प्रकार, अब तक 2,411 लोगों को वापस लाया जा चुका है।"
शेष नागरिकों को लाने के लिए म्यांमार से लगातार संपर्क
उन्होंने कहा कि शेष नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत म्यांमार सरकार के साथ संपर्क में है। इस बात पर भी जोर दिया कि कई भारतीय नागरिकों को तीसरे देशों के माध्यम से इन धोखाधड़ी वाले स्थानों पर लाया जाता है ऐसे में ज़्यादा क्षेत्रीय सहयोग की भी ज़रूरत है।
केके पार्क बना वैश्विक साइबर धोखाधड़ी का बड़ा केंद्र
गौरतलब है कि म्यांमार के म्यावाड्डी क्षेत्र में स्थित केके पार्क, बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच कुख्यात है। रिपोर्टों के मुताबिक परिसर और आसपास की सुविधाएं चीनी आपराधिक गिरोहों के नियंत्रण में हैं और म्यांमार की सेना से संबद्ध स्थानीय सशस्त्र समूहों द्वारा समर्थित हैं। (एएनआई)
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