जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के जोकहरा पुल के पास शुक्रवार की सुबह मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश वाकिफ उर्फताकि वाकिब मारा गया। मुठभेड़ एसटीएफ, स्वाट टीम, धारी पुलिस की संयुक्त टीम से
आजमगढ़ में पचास हजार का इनामी बदमाश ढेर
वाकिफ उर्फ ताकि वाकिब मारा गया
आजमगढ़। जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के जोकहरा पुल के पास शुक्रवार की सुबह मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश वाकिफ उर्फताकि वाकिब मारा गया। मुठभेड़ एसटीएफ, स्वाट टीम और सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम से हुई थी।
वाकिफ पुत्र कलाम उर्फ सलाम मूल रूप से थाना फूलपुर क्षेत्र का रहने वाला था। वह पिछले सालों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पुलिस के अनुसार, वाकिफ ने वर्ष 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसके खिलाफ पहला मुकदमा फूलपुर थाने में पशु तस्करी के मामले में दर्ज हुआ था। उसने जल्द ही अपना अपराधी गिरोह तैयार कर लिया। वर्ष 2020 में गोरखपुर पुलिस ने उसे पहली बार गैंगस्टर एक्ट में पाबंद किया था। अब तक वाकिफ के खिलाफ कुल 67 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। उसका गिरोह पशु चोरी और गोवंश की अवैध तस्करी में सक्रिय था। गिरोह में अरशद, राकेश उर्फ राका, जावेद, मेराज, सुरेंद्र यादव, शहजादे उर्फ छेदी, मोहम्मद आकिल, हसीम उर्फ शेरू और शकील उर्फ भीमा जैसे कुख्यात अपराधी शामिल थे।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि वाकिफ नेपाल बॉर्डर के रास्ते गोवंश तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। दो वर्ष पूर्व 2023 में उसका नाम गोरखपुर के एक गो-तस्करी कांड में सामने आया, जिसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। वाकिफ बेहद शातिर अपराधी था। वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। वह गुप्त तरीके से गिरोह चलाता था। इसलिए उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं होती थी।
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