निर्मला सीतारमण ने कहा कि कस्टम और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के लिए किए गए प्रस्तावों का मकसद शुल्क ढांचे को आसान बनाना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करना, एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट के दौरान कहा कि कस्टम और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के लिए किए गए प्रस्तावों का मकसद शुल्क ढांचे को आसान बनाना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करना, एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ावा देना है।
दवाओं और निजी आयात पर सीमा शुल्क में भारी कटौती
केंद्रीय बजट में निजी उपयोग के लिए इम्पोर्ट किए जाने वाले सभी ड्यूटी वाले सामानों पर कस्टम ड्यूटी की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से बजट में 17 दवाओं पर मूल सीमा शुल्क में छूट देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा बजट में 7 अतिरिक्त दुर्लभ रोगों के लिए कैंसर रोगियों के इलाज में उपयोग की जाने वाली दवाओं और एफएसएमपी के निजी आयातों पर आयात शुल्क से छूट देने का प्रावधान किया गया है।
विश्वास आधारित प्रणालियां
बजट में टियर 2 और टियर 3 प्राधिकृत आर्थिक प्रचालकों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में पात्र विनिर्माताओं आयातकों को समान शुल्क स्थगन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है। इससे उन्हें नियत समय पर पूर्ण टियर 3-एईओ के रूप में अपना प्रतयायन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
शुल्क भुगतान की अवधि बढ़ी, इंपोर्टर्स को बड़ी राहत
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