नए प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई।
नई दिल्ली। नए प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'सेवा तीर्थ' में आयोजित इस पहली बैठक में संकल्प लिया कि यहां लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'केरल' राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं, केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज रेल मंत्रालय की करीब 9,072 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ाने संबंधी तीन परियोजनाओं को स्वीकृति दी।
संवैधानिक मूल्यों और नैतिक शासन के प्रति प्रतिबद्धता
पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मंत्रिमंडल ने संकल्प लिया कि संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। 'सेवा तीर्थ' की कार्य-संस्कृति इसी आत्मा से संचालित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा।
नागरिक कल्याण की भावना से संचालित शासन
संकल्प के मुताबिक इस परिसर में लिया गया हर निर्णय 'नागरिक देवो भव' की भावना से प्रेरित होगा। 'सेवा तीर्थ' से संचालित शासन का हर प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने की भावना से जुड़ा रहेगा। सेवा संकल्प प्रस्ताव में कहा गया कि, "इस शुभारंभ के साथ ही हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आज़ादी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे। हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामर्थ्य अनंत हो।"
केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'केरल' राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बता दें कि केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का निर्णय लिया था। प्रस्ताव में कहा गया कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम 'केरलम' है।
रेलवे नेटवर्क बढ़ाने के लिए तीन नई परियोजनाओं को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 9,072 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ाने संबंधी तीन परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इनमें गोंडिया–जबलपुर लाइन दोहरीकरण, पुनारख-किऊल तीसरी और चौथी लाइन तथा गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के 8 जिलों में व्याप्त इन तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 5,407 गांवों में संपर्क में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है।
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