प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

आम थाली महंगी, महंगाई 3.4% पहुंची

आम आदमी की थाली हुई महंगी, मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंची

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और रुपये के मूल्य में गिरावट के कारण भारत में रसोई का बजट बिगड़ रहा है।

आम आदमी की थाली हुई महंगी मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 34 पहुंची

Food Prices |

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और रुपये के मूल्य में गिरावट के कारण भारत में रसोई का बजट बिगड़ रहा है। खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण देश में खुदरा महंगाई दर मार्च में बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी। ये महंगाई दर का 13 महीने का उच्च स्तर है। कच्चे तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि, साथ ही सप्लाई चेन में बाधा के चलते खाद्य तेल, दालें और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।

सीपीआई में दर्ज हुई बढ़ोतरी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मंहगाई फरवरी के 3.1 फीसदी से बढ़कर मार्च में 3.4 हो गयी है। फरवरी के 3.21 फीसदी से बढ़कर मार्च में 3.4 फीसदी हो गई। हालांकि, अच्छी बात यह है कि यह दर अभी रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के मध्यम लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। खाद्य महंगाई मार्च में बढ़कर 3.87 प्रतिशत हो गई जो फरवरी में 3.47 प्रतिशत थी।

13 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची महंगाई

एनएसओ द्वारा मार्च के लिए जारी आंकड़े अद्यतन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रृंखला के तीसरे आंकड़े हैं। अगर एनएसओ द्वारा जारी पिछली श्रृंखला के आंकड़ों से तुलना की जाए तो महंगाई दर 13 महीने के उच्च स्तर पर है। इससे पहले मार्च 2025 में महंगाई दर 3.56 प्रतिशत थी।

ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों पर असर

भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मार्च 2026 में महंगाई दर फरवरी की तुलना में अधिक थी। एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक सीपीआई (ग्रामीण) 3.63 प्रतिशत रही, जो फरवरी में 3.37 प्रतिशत थी। इसी तरह शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई मार्च में बढ़कर 3.11 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 3.03 प्रतिशत थी।

अन्य सेक्टर भी दे रहे योगदान

परिवहन से जुड़ी महंगाई लगभग स्थिर रही। शिक्षा (3.30 फीसदी), रेस्तरां व होटल (2.88 फीसदी) ने भी कुल महंगाई में योगदान दिया। ऊर्जा श्रेणी में बिजली, गैस और अन्य ईंधन की मुद्रास्फीति मार्च में 1.65 फीसदी रही। फरवरी में यह 1.52 फीसदी थी। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर एलपीजी और वैकल्पिक ईंधन की कीमतों पर दिखने लगा है।

सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई

खाद्य महंगाई मार्च में बढ़कर 3.87 फीसदी हो गई, जो फरवरी में 3.47 प्रतिशत थी। टमाटर (35.99 फीसदी), फूलगोभी (34.11 फीसदी) और नारियल की कीमतों ने महंगाई को ऊपर धकेला। प्याज की कीमतों में 27.76 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 18.98 फीसदी कमी के साथ आलू दूसरे स्थान पर और 10.18 फीसदी गिरावट के साथ लहसुन तीसरे स्थान पर रहा। अरहर दाल और चना में भी गिरावट देखी गई।

राज्यों में अलग-अलग तस्वीर

राज्यों में तेलंगाना में सबसे अधिक 5.83 फीसदी महंगाई दर्ज की गई। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 4.05 फीसदी, कर्नाटक में 3.96 फीसदी, तमिलनाडु में 3.77 फीसदी और राजस्थान में 3.64 प्रतिशत महंगाई दर रही। मिजोरम में सबसे कम 0.66 फीसदी महंगाई रही।

आगे और बढ़ने के संकेत

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्स डायरेक्टर मेघा अरोरा ने आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में महंगाई बढ़कर 3.8 प्रतिशत हो सकती है और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यह रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के अनुमान से भी ऊपर जा सकती है। इसकी वजह ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, ढुलाई लागत और सोने-चांदी के दाम हैं, जिनका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

यह भी पढ़े: ममता: नामांकन रद्द साजिश का आरोप

https://www.primenewsnetwork.in/state/mamata-alleges-plot-to-cancel-nomination/157248

Related to this topic: