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'भारत अपने फैसले खुद लेता है...', UNGA में बोले..

'भारत अपने फैसले खुद लेता है...', UNGA में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि भारत अपने फैसले खुद लेता है. भारत अपने विकल्प का चुनाव करने की स्वतंत्रता आगे भी हमेशा कायम रखेगा. उन्होंने UNGA को संबोधित किया.

भारत अपने फैसले खुद लेता है unga में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

'भारत अपने फैसले खुद लेता है...', UNGA में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर |

UNGA : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि भारत अपने फैसले खुद लेता है. भारत अपने विकल्प का चुनाव करने की स्वतंत्रता आगे भी हमेशा कायम रखेगा. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया. वे पाकिस्तान का बिना नाम लिए आतंकवाद को लेकर दो टूक बोले

एस जयशंकर ने कहा कि भारत के लोगों की ओर से नमस्कार. भारत समकालीन विश्व में तीन प्रमुख सिद्धांत 'आत्मनिर्भरता', 'आत्मरक्षा' और 'आत्मविश्वास- के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है. विदेश मंत्री ने कहा कि 'आत्मनिर्भरता' का अर्थ है, अपनी क्षमताएं बढ़ाना, अपनी ताकत बढ़ाना और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ने देना.  उन्होंने कहा, चाहे विनिर्माण क्षेत्र में हो, अंतरिक्ष कार्यक्रमों में हो, दवाइयों के उत्पादन में हो या डिजिटल अनुप्रयोगों में हो, हम इसके परिणाम देख ही रहे हैं। भारत में निर्माण और नवाचार से विश्व को भी लाभ होता है.

'आतंकवाद कतई बर्दाश्त नहीं'

उन्होंने कहा कि भारत अपने लोगों की रक्षा और देश व विदेश में उनके हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है. इसका मतलब आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करना, हमारी सीमाओं की मजबूत सुरक्षा, विभिन्न देशों के साथ साझेदारी कायम करना और विदेश में अपने समुदाय की सहायता करना है. हममें से प्रत्येक के पास शांति और समृद्धि में योगदान देने का अवसर है. संघर्षों के मामले में, विशेष रूप से यूक्रेन और गाजा में यहां तक कि उन देशों ने भी संघर्ष का प्रभाव महसूस किया है जो सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं हैं, जो राष्ट्र सभी पक्षों के साथ तालमेल बिठा सकते हैं. उन्हें समाधान खोजने के लिए आगे आना चाहिए.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अब हम शुल्क में अस्थिरता और अनिश्चित बाज़ार का सामना कर रहे हैं. परिणामस्वरूप, जोखिम से बचना अहम होता जा रहा है, चाहे वह आपूर्ति के सीमित स्रोतों से हो या किसी खास बाजार पर अत्यधिक निर्भरता से. चाहे विनिर्माण क्षेत्र में हो, अंतरिक्ष कार्यक्रमों में हो, दवाइयों के उत्पादन में हो या डिजिटल अनुप्रयोगों में हो, हम इसके परिणाम देख ही रहे हैं. भारत में निर्माण और नवाचार से विश्व को भी लाभ होता है.

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