कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी से निष्कासित मुर्शिदाबाद के भरतपुर क्षेत्र के विधायक हुमायूं कबीर की सीट में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
अकेले विरोधी विधायक के रूप में मौजूद
टीएमसी विधायकों के बीच हुमायूं कबीर अकेले विरोधी विधायक के रूप में बैठेंगे। विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है जब टीएमसी से निष्कासित कोई विधायक अपनी पुरानी सीट पर ही बैठा नजर आएगा।
इस्तीफे का फैसला बदला
टीएमसी से निष्कासन के बाद हुमायूं कबीर विधायक पद से इस्तीफा देने वाले थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपने फैसले को बदल लिया और विधायक बने रहने का निर्णय लिया।
मस्जिद निर्माण के ऐलान के बाद निष्कासन
हुमायूं कबीर को उस समय टीएमसी से निष्कासित किया गया था, जब उन्होंने पिछले साल दिसंबर में मुर्शिदाबाद जिले के रेजीगंज में बाबरी के नाम पर मस्जिद बनाने का ऐलान किया था।
अपने फैसले पर अडिग
निष्कासन के बावजूद हुमायूं कबीर मस्जिद निर्माण के फैसले से पीछे नहीं हटे। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया।
टीएमसी और भाजपा—दोनों के विरोध का दावा
हुमायूं कबीर का कहना है कि उनकी पार्टी टीएमसी के साथ-साथ भाजपा की भी विरोधी है और वे किसी भी बड़े दल के दबाव में नहीं आएंगे।
चुनावी तालमेल की कोशिश
हुमायूं कबीर के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी टीएमसी और भाजपा को परास्त करने के लिए माकपा, एमआईएम और आईएसएफ के साथ चुनावी तालमेल को लेकर बातचीत कर रही है।
सीट बंटवारे पर फैसला चुनाव के बाद
उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद सहयोगी दलों के साथ सीटों का बंटवारा तय किया जाएगा।
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