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भारत-ईरान वार्ता: द्विपक्षीय चर्चा

भारत-ईरान वार्ता: द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी से मुलाकात की।

भारत-ईरान वार्ता द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

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नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी से मुलाकात की।

द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में बताया कि अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में “हालिया घटनाक्रमों सहित द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों” पर ध्यान केंद्रित किया गया। पोस्ट में कहा गया, “विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) @AmbSibiGeorge ने ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री डॉ. काज़ेम ग़रीबाबादी से मुलाकात की। चर्चा में हालिया घटनाक्रमों सहित द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।”

ब्रिक्स बैठक से पहले बढ़ी कूटनीतिक गतिविधियां

ईरान के सूत्रों के अनुसार, ग़रीबाबादी के 14-15 मई को राजधानी में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने की संभावना है। क्षेत्रीय कूटनीति को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, तेहरान ने पुष्टि की है कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक अहम अवसर माना जा रहा है।

उच्च स्तरीय बातचीत की पुष्टि

मंगलवार को इंडिया टुडे ग्लोबल के साथ एक साक्षात्कार में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने इस उच्च स्तरीय यात्रा की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत दोनों ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य हैं और दोनों के बीच “अच्छा सहयोग और समन्वय” है।

भारत में होने वाली ब्रिक्स बैठक का महत्व

प्रवक्ता ने कहा कि नई दिल्ली में होने वाली बैठक ईरान के लिए महत्वपूर्ण है और वहां अन्य मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है, विशेष रूप से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत पर जोर दिया गया। यह कूटनीतिक समन्वय उस समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान और भारत के बीच उच्च स्तरीय संवादों में क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा जारी है।

ब्रिक्स में भारत की भूमिका

भारत ने 1 जनवरी को ब्राजील से ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण की है। यह चौथी बार है जब भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है, इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी भारत ने नेतृत्व किया था।

(एएनआई)

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