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कृषि और संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: कृषि और संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित, एक्सपोर्ट को मिलेगा बड़ा अवसर

भारत और अमेरिका के बीच हुए बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारत की कृषि और डेयरी जैसी संवेदनशील फसलों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील कृषि और संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित एक्सपोर्ट को मिलेगा बड़ा अवसर

India-US Trade Deal Protects Agriculture, Boosts Exports |

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारत की कृषि और डेयरी जैसी संवेदनशील फसलों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। वहीं, अमेरिकी बाज़ार में भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की कम दर से टैरिफ लागू होगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस ट्रेड डील में भारत की कृषि संवेदनशीलताओं की पूरी सुरक्षा की गई है। इस समझौते से अमेरिकी टैरिफ में कटौती होगी और भारत के निर्यातकों को फायदा मिलेगा, खासकर उन सेक्टरों को जो रोजगार-प्रधान हैं।

भारत का कृषि व्यापार अमेरिकी बाज़ार में मजबूत

अधिकारी ने यह भी बताया कि सरकार ने कृषि आयातों के मामले में ऐसा तरीका अपनाया है कि संवेदनशील फसलों की सुरक्षा बनी रहे। केवल कम संवेदनशील उत्पादों को ही तुरंत शून्य शुल्क की सुविधा मिलेगी, जो भारत अन्य FTA पार्टनर्स को भी देता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत का अमेरिका के साथ कृषि व्यापार में USD 1.3 बिलियन का सरप्लस है। भारत हर साल अमेरिका को USD 3.4 बिलियन के कृषि उत्पाद निर्यात करता है और सिर्फ USD 2.1 बिलियन का आयात करता है। इसका मतलब है कि भारतीय कृषि अमेरिकी बाज़ार में प्रतिस्पर्धी है।

टेक्सटाइल, लेदर, समुद्री उत्पाद और अन्य रोजगार-प्रधान सेक्टरों को लाभ

अधिकारी ने बताया कि इस डील से रोजगार-प्रधान और लेबर-इंटेंसिव सेक्टरों को भी फायदा होगा। टेक्सटाइल और परिधान उद्योग, जिसमें सालाना USD 10 बिलियन से अधिक का निर्यात होता है, अब केवल 18 प्रतिशथ टैरिफ का लाभ पाएंगे। इसी तरह लेदर, फुटवियर, समुद्री उत्पाद, केमिकल्स, प्लास्टिक, रबर, होम डेकोर, कारपेट और मशीनरी जैसे सेक्टर भी फायदा उठाएंगे। अमेरिका ने भारत के क्रूड ऑयल पर 25 प्रतिशत टैरिफ पूरी तरह हटा दिया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत ने केवल प्रीमियम कारों पर ही टैरिफ कम करने पर सहमति दी है, जिससे घरेलू वाहन निर्माण सुरक्षित रहेगा। इस समझौते के तहत भारत अगले पांच साल में अमेरिका से USD 500 बिलियन के उत्पाद खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें तेल और LNG, विमान और उनके पार्ट्स, कीमती धातुएं और उच्च तकनीकी उत्पाद शामिल हैं।

संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित, रोजगार-प्रधान सेक्टरों को अमेरिकी बाज़ार में बढ़त

व्यापार और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कृषि और डेयरी सेक्टरों के हितों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस डील में संवेदनशील कारकों की पूरी सुरक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि MSMEs, इंजीनियरिंग सेक्टर, टेक्सटाइल, जेम्स और ज्वैलरी, लेदर और समुद्री उत्पादों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि देश भर में निर्यातकों और तकनीकी निवेशकों में इस समझौते को लेकर उत्साह है। गोयल ने आगे कहा इस ट्रेड डील से भारत की संवेदनशील कृषि और डेयरी फसलें सुरक्षित रहेंगी और रोजगार-प्रधान सेक्टरों के लिए अमेरिकी बाज़ार में बेहतर अवसर खुलेंगे। निवेशकों और निर्यातकों के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित होने वाला है।

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