भारतीय सेना ने औपनिवेशिक दौर की विरासत को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में अपने प्रतिष्ठानों में स्थित 246 सड़कों, इमारतों और सुविधाओं के नाम बदल दिए हैं।
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने औपनिवेशिक दौर की विरासत को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में अपने प्रतिष्ठानों में स्थित 246 सड़कों, इमारतों और सुविधाओं के नाम बदल दिए हैं। इस कदम का मकसद भारत के अपने इतिहास, लोकाचार और सैन्य परंपराओं पर आधारित एक संस्थागत पहचान को बढ़ावा देना है। साथ ही देश के वीरता पुरस्कार विजेताओं, युद्ध नायकों और प्रतिष्ठित सैन्य नेताओं को सम्मान देना है।
सैकड़ों सड़कें, कॉलोनियां और सैन्य सुविधाएं बदले नाम
भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में 124 सड़कें, 77 कॉलोनियां, 27 इमारतें और अन्य सैन्य सुविधाएं, तथा 18 विविध सुविधाएं जैसे पार्क, प्रशिक्षण क्षेत्र, खेल के मैदान, गेट, हेलीपैड आदि शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल वीरता और बलिदान को याद करने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। हाल के वर्षों में राष्ट्र के सबसे बहादुर सैनिकों की विरासत का सम्मान देने के कई प्रयास किए गए। इसमें परमवीर चक्र विजेताओं को समर्पित विशेष सम्मान भी शामिल है, जिससे सार्वजनिक और संस्थागत स्मृति में भारत के नायकों की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया है।
वीरों और सैन्य नेतृत्व के सम्मान में नए नाम
अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न छावनियों और सैन्य स्टेशनों में सड़कों, सुविधाओं और कॉलोनियों का नाम सैनिकों के सम्मान में बदला जा रहा है। इसमें वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले और प्रतिष्ठित सैन्य हस्तियां शामिल हैं। इस प्रक्रिया के तहत ब्रिटिश-युग की कई सड़कों और इलाकों के नामों को ऐसे नामों से बदला जा रहा है जो भारतीय वीरता, बलिदान और नेतृत्व को दर्शाते हैं।
दिल्ली, अंबाला और मथुरा छावनी में नामों में बदलाव
दिल्ली छावनी में, किर्बी प्लेस (ऑफिसर्स अकॉमोडेशन) का नाम बदलकर केनगुरुसे विहार कर दिया गया है, जबकि मॉल रोड का नाम बदलकर अरुण खेत्रपाल मार्ग किया गया है। अंबाला छावनी में, पैटरसन रोड क्वार्टर अब धन सिंह थापा एन्क्लेव के नाम से जाना जाएगा, और मथुरा छावनी में, न्यू हॉर्न लाइन का नाम बदलकर अब्दुल हमीद लाइन्स कर दिया गया है।
जयपुर से देहरादून तक बदली सैन्य परिसरों की पहचान
इसी तरह जयपुर कैंटोनमेंट में क्वींस लाइन रोड अब सुंदर सिंह मार्ग, बरेली कैंटोनमेंट में न्यू बर्डवुड लाइन को थिमैया कॉलोनी और महू कैंटोनमेंट में मैल्कम लाइंस को पीरू सिंह लाइंस नाम दिया गया है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी में कॉलिन्स ब्लॉक और किंग्सवे ब्लॉक का नाम बदलकर क्रमशः नुब्रा ब्लॉक और कारगिल ब्लॉक कर दिया गया है।
कोलकाता और पूर्वोत्तर में भी दिखी बदलाव की झलक
कोलकाता में, फोर्ट विलियम का नाम बदलकर विजय दुर्ग कर दिया गया है, जबकि रंगापहाड़ सैन्य स्टेशन में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नाम बदलकर लैशराम ज्योतीन सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कर दिया गया है। ज़ाखामा मिलिट्री स्टेशन पर, स्पीयर लेक मार्ग का नाम बदलकर हैंगपन दादा मार्ग कर दिया गया है। भारतीय सेना ने कहा कि ये नाम कई अभियानों में दिखाए गए बेहतरीन साहस और सेवा के साथ-साथ जाने-माने मिलिट्री लीडरशिप को याद करते हैं।
सेवा स्थलों में झलकेगा भारत का गौरव
इस पहल के ज़रिए, भारतीय सेना देश की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने और यह पक्का करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है कि जिन जगहों पर सैनिक और उनके परिवार रहते हैं, ट्रेनिंग करते हैं और सेवा करते हैं, वे भारत के अपने नायकों, विरासत और मूल्यों को साफ तौर पर दिखाएं।
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