विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई।
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे के लिए दो-राष्ट्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। इस्राइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा, "भारत फिलिस्तीन के संबंध में दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है।"
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिम
विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री मार्गों और ऊर्जा अवसंरचना पर मंडराते खतरे के मद्देनजर सुरक्षा की नाजुक स्थिति पर भी दुनिया का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, "पश्चिम एशिया में संघर्ष पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जारी तनाव, समुद्री यातायात पर मंडराता खतरा और ऊर्जा अवसंरचना में व्यवधान इस स्थिति की नाजुकता को दर्शाते हैं।" उन्होंने क्षेत्र के अन्य हिस्सों में अस्थिरता, जैसे लेबनान, सीरिया, सूडान, यमन और लीबिया पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "लेबनान और सीरिया लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यमन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मानवीय संकट और समुद्री खतरे हैं, जबकि लीबिया में स्थिरता लाना काफी महत्वपूर्ण है।"
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीति की आवश्यकता
जयशंकर ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा, "इन सबका सम्मिलित अर्थ स्पष्ट है, स्थिरता चयनात्मक नहीं हो सकती, और शांति आंशिक रूप से स्थापित नहीं की जा सकती।" उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना, नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक अवसंरचना पर हमला न करना जरूरी है। जयशंकर ने कहा, "भारत युद्ध को खत्म करने के प्रयासों में एक अहम योगदान देने और स्थिरता बहाल करने वाली पहलों का समर्थन करने के लिए तैयार है।"
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