लोकसभा में सोमवार को बार-बार हुए हंगामे के बाद कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को बार-बार हुए हंगामे के बाद कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। यह गतिरोध तब पैदा हुआ जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वर्ष 2020 में चीन के साथ सीमा पर हुए तनाव से जुड़े एक खास मुद्दे पर बोलने पर जोर दिया और इसके लिए उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला दिया। भाजपा सदस्यों ने राहुल गांधी की टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि वे सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में बार-बार स्थगित हुआ सदन
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामे के कारण सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। सबसे पहले 3 बजे, फिर 4 बजे और अंततः लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूरे दिन के लिए सदन को स्थगित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी किसी ऐसे ऐसे किताब या लेख का संदर्भ नहीं दे सकते जो प्रकाशित ही न हुआ हो। उन्होंने आगे कहा कि जब 3 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष से अप्रकाशित किताब का संदर्भ के बिना बात रखने को कहा गया था।
रिजिजू ने लगाया सेना का मनोबल गिराने का आरोप
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया था और सभी सदस्य राहुल गांधी का भाषण सुनने के लिए बैठे थे, लेकिन शुरुआत से ही उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया और एक ऐसी किताब का हवाला देने लगे जिसकी न तो प्रकाशन स्थिति स्पष्ट है और न ही उसकी प्रामाणिकता। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री और अन्य सदस्यों ने भी स्पष्ट किया कि सदन नियमों के अनुसार ही चलेगा और अध्यक्ष के फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद राहुल गांधी बार-बार वही बात दोहराते रहे और करीब आधा घंटा बर्बाद किया। रिजिजू ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस पार्टी 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई जमीन वापस ला सकती है और कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।
नियमों और अध्यक्ष के आदेश को लेकर टकराव
उन्होंने आगे कहा कि क्या किसी खास परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति संसद और उसके नियमों से ऊपर है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां नियमों के अनुसार काम होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी खुद को संसद से ऊपर मानते हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनका समर्थन करते हुए ताली बजाते रहे। उन्होंने राहुल गांधी से अपने सांसदों को नियमों का पालन सिखाने और चीन सीमा से जुड़े कांग्रेस के "पाप" के लिए माफी मांगने की बात कही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अध्यक्ष से आग्रह किया कि राहुल गांधी को इस तरह के संदर्भ देने की अनुमति न दी जाए। राहुल गांधी के बार-बार चीन सीमा विवाद पर बोलने के प्रयास के बीच रिजिजू ने यह सवाल भी उठाया कि ऐसे सदस्य के साथ क्या किया जाना चाहिए जो लोकसभा अध्यक्ष के आदेश का पालन नहीं करता।
चीन सीमा मुद्दे पर अड़े राहुल
जब राहुल गांधी ने फिर मई 2020 से शुरू हुए चीन सीमा तनाव का विशेष उल्लेख किया, तो सदन को 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बाद में जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तो पीठासीन सदस्य जगदंबिका पाल ने कहा कि अध्यक्ष पहले ही अपना फैसला दे चुके हैं और राहुल गांधी को उसी के अनुसार भाषण देना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है और फिर चीन के साथ सीमा तनाव से जुड़े उस विशेष मामले का जिक्र करने लगे। इसके बाद भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि सरकार पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा की सामग्री से इतनी डरी हुई क्यों है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
अप्रकाशित आत्मकथा के हवाले पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि वे एक पत्रिका में छपे लेख से पढ़ रहे हैं, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला दिया गया है। जनरल एम.एम. नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे थे। उन्होंने पूछा कि उस सामग्री में ऐसा क्या है जिससे सरकार डर रही है, और अगर डर नहीं है तो उन्हें पढ़ने दिया जाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी किसी अप्रकाशित किताब का हवाला नहीं दे सकते और यह भी पूछा कि उनकी जानकारी का स्रोत क्या है। राहुल गांधी ने जवाब दिया कि वे भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा कांग्रेस की देशभक्ति पर उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
देशभक्ति पर आरोप-प्रत्यारोप
उन्होंने कहा कि एक युवा सांसद ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए, और इसी वजह से वे यह मुद्दा उठा रहे हैं ताकि यह बताया जा सके कि वास्तव में देशभक्त कौन है और कौन नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे जिस अंश का उल्लेख कर रहे हैं, वह उस घटना से जुड़ा है जब चार चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने आपत्ति जताई और कहा कि चूंकि वह आत्मकथा अभी प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए उसे सदन में उद्धरित नहीं किया जा सकता।
गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का किया बचाव
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बहस राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही है और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने यूपीए काल के भाषणों का हवाला दिया था, जिनमें विकसित भारत का कोई उल्लेख नहीं था। राजनाथ सिंह ने फिर कहा कि जिस किताब का राहुल गांधी हवाला दे रहे हैं, वह अभी प्रकाशित नहीं हुई है और उन्होंने मांग की कि नेता प्रतिपक्ष सदन के सामने वह किताब पेश करें।
अखिलेश यादव ने की संवेदनशील मुद्दे पर बहस की मांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। लोकसभा ने सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की थी, लेकिन हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही।
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