केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार पंजीकरण की समय सीमा के बाद अगले तीन महीनों तक वक्फ कानून के तहत उम्मीद पोर्टल पर संपत्ति पंजीकृत करने वाले ...
लखनऊ
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार पंजीकरण की समय सीमा के बाद अगले तीन महीनों तक वक्फ कानून के तहत उम्मीद पोर्टल पर संपत्ति पंजीकृत करने वाले मुतवल्लियों पर जुर्माना नहीं लगाएगी। इसके अलावा कोई अन्य सख्त कार्रवाई भी नहीं की जाएगी। रिजिजू ने कहा कि कई सांसदों और नेताओं ने समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने छह महीनों की समय सीमा के बाद इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
वक्फ की 60 हजार से ज्यादा संपत्तियों का अभी नहीं हो सका पंजीकरण
केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों पंजीकरण के लिए बनाये गये "उम्मीद" पोर्टल की अंतिम तिथि 5 दिसंबर को समाप्त हो रही है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार "उम्मीद" पोर्टल पर अब तक सुन्नी व शिया वक्फ बोर्डों में दर्ज 1,33785 अवकाफ में से अब तक 62 हजार 837 संपत्तियों का ही पंजीकरण किया जा सका है। पोर्टल पर संपत्तियों के पंजीकरण की अंतिम तिथि शुक्रवार को खत्म हो रही है। अभी 68 हजार सुन्नी और 2 हजार 948 शिया वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड होना बाकी है।
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में प्रदेश भर से करीब 1 लाख 26 हजार और उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में करीब 7 हजार 785 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। वक्फ संशोधन कानून 2025 लोकसभा से पारित होने के बाद केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों की डिजिटल सूची बनाने के मकसद से बीते 6 जून को उम्मीद पोर्टल लॉन्च कर 5 दिसंबर तक सभी वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया था। अब तक सुन्नी व शिया वक्फ बोर्डों में 62 हजार 837 संपत्तियों का ही पंजीकरण हो सका है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी और शिया वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीशान रिजवी ने बताया कि पोर्टल लॉन्च होने के बाद से शुरू हुई तकनीकी खामियां अंतिम दिनों तक जारी है। उन्होंने बताया कि बीते 6 दिनों से पोर्टल क्रैश रहने के बाद बुधवार से काम करना शुरू किया लेकिन सर्वर की रफ्तार काफी सुस्त चल रही है। जुफर फारूकी ने बताया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड की करीब 58 हजार संपत्तियों का पंजीकरण हुआ है, जबकि 46 हजार संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड हो पाया है। दोनों बोर्डों ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर "उम्मीद" पोर्टल पर पंजीकरण की तिथि बढ़ाने की मांग की है।