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रिजर्व बैंक ने 'जीरो-फीस' खातों के लिए फ्री ATM...

रिजर्व बैंक ने 'जीरो-फीस' खातों के लिए फ्री ATM कार्ड, चेकबुक जैसी सुविधाओं का किया ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए जीरो बैलेंस वाले बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट में कई अहम बदलावों की घोषणा की है।

रिजर्व बैंक ने जीरो-फीस खातों के लिए फ्री atm कार्ड चेकबुक जैसी सुविधाओं का किया ऐलान

रिजर्व बैंक ने 'जीरो-फीस' खातों के लिए फ्री ATM कार्ड, चेकबुक जैसी सुविधाओं का किया एलान |

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए जीरो बैलेंस वाले बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट में कई अहम बदलावों की घोषणा की है। इसके अन्तर्गत सरकार ने जीरो बैलेंस वाले बैंक अकाउंट धारकों के लिए मुफ्त नई सेवाओं की घोषणा की है। अब ग्राहकों को अनलिमिटेड डिपॉजिट, फ्री ATM कार्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन्स, और 25 पन्नों की चेकबुक जैसी सुविधाएं मिलेंगी। ये सुविधाएं 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।

RBI के इन नए नियमों का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को मजबूत करना और बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों के लिए और अधिक सरल व सुलभ बनाना है। RBI के इन बदलावों का सीधा फायदा उन करोड़ों ग्राहकों को मिलेगा, जिनके पास जीरो बैलेंस या नो-फ्रिल्स अकाउंट हैं। ये सभी सुविधाएं ग्राहक की मांग पर उपलब्ध होंगी। बैंक खाते को चलाने के लिए मिनिमम बैलेंस या अन्य शर्तें नहीं लगा सकते। पहले से BSBD खाता रखने वाले ग्राहक भी रिक्वेस्ट करके नई सुविधाएं पा सकेंगे।

रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे इन खातों को कोई 'कमतर' या 'काम-चलाऊ' विकल्प न मानें, बल्कि इन्हें भी नॉर्मल सेविंग्स अकाउंट जैसी ही सर्विस दें। अगर कोई लिखित या ऑनलाइन अर्जी देता है, तो बैंक को 7 दिनों में सेविंग्स अकाउंट को BSBD में बदलना होगा। ये निर्देश अगले साल 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे।

बैंकों को यह भी कहा गया है कि अगर कोई ग्राहक रिक्वेस्ट करता है, तो उसके मौजूदा सेविंग्स अकाउंट को भी BSBD अकाउंट में बदल दिया जाए। नए नियमों के मुताबिक, हर BSBD अकाउंट में कैश जमा करने, ऑनलाइन या चेक से पैसा मंगाने की सुविधा होनी चाहिए। साथ ही, महीने में कितनी भी बार पैसा जमा करने पर कोई रोक-टोक नहीं होगी।

आर्थिक मीडिया हाउस "ET" की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहकों को बिना किसी सालाना चार्ज के एटीएम या एटीएम-कम-डेबिट कार्ड मिलेगा। इसके अलावा साल में कम से कम 25 पन्नों वाली चेक बुक, फ्री इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग और फ्री पासबुक या मंथली स्टेटमेंट भी मिलेगा। इसके अलावा महीने में कम से कम चार बार पैसा निकालना फ्री होगा। डिजिटल पेमेंट- जैसे कार्ड स्वाइप (PoS), NEFT, RTGS, UPI और IMPS को इन चार बार की लिमिट में नहीं गिना जाएगा।

बैंकों ने सुझाव दिया था कि बीएसबीडी खाते खोलने के लिए ग्राहकों की आय और प्रोफाइल के आधार पर कुछ शर्तें तय की जाएं। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सुझाव को ठुकरा दिया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि ऐसी शर्तें लगाने से बीएसबीडी खाते का मकसद पूरा नहीं होगा, जो कि सभी के लिए एक सस्ता बैंकिंग प्रोडक्ट उपलब्ध कराना है।

ये सुविधाएं ग्राहक के मांगने पर ही मिलेंगी और बैंक इन्हें खाता खोलने या चलाने की शर्त नहीं बना सकते। जिनके पास पहले से BSBD खाता है, अगर वे रिक्वेस्ट करेंगे तो उन्हें भी ये नई फ्री सुविधाएं मिल जाएंगी। बैंक चाहें तो कुछ एक्स्ट्रा फीचर्स दे सकते हैं लेकिन इसके लिए वे 'मिनिमम बैलेंस' रखने की शर्त नहीं थोप सकते। यह ग्राहक की मर्जी पर होगा कि वे वो फीचर लेना चाहते हैं या नहीं। BSBD खाता खोलने के लिए कोई पैसा जमा करने की जरूरत नहीं है।

वहीं, RBI ने बैंकों और लोन देने वाली कंपनियों से कहा है कि वे क्रेडिट ब्यूरो को ग्राहकों के लोन चुकाने की जानकारी अब हर 15 दिन की बजाय हर हफ्ते भेजें। इससे क्रेडिट रिपोर्ट में एकदम ताजा जानकारी दिखेगी।

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