मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक देश की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। बाजार पूंजीकरण के मामले में एसबीआई ने यह उपलब्धि मार्केट कैप के लिहाज से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को पीछे छोड़ कर हासिल किया है।
मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) देश की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। बाजार पूंजीकरण के मामले में एसबीआई ने यह उपलब्धि मार्केट कैप के लिहाज से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को पीछे छोड़ कर हासिल किया है। एसबीआई के शेयरो में दिसंबर में आये तिमाही नतीजों के बाद बुधवार को 3.23% की बढ़ोतरी देखने को मिली थी और उसका शेयर 1,181 रुपए पर बंद हुआ था। भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 3.4 फीसदी की बढ़त के साथ 1,183 रुपये के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे उसका बाजार पूंजीकरण 10.92 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कारोबार के अंत में एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 10,91,982.06 करोड़ रुपये था, जो टीसीएस के मार्केट कैप 10,52,646.38 करोड़ रुपये से ज्यादा था।
रिलायंस सबसे मूल्यवान कंपनी
बाजार पूंजीकरण के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज 19.87 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ शीर्ष स्थान पर बरकरार है। उसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआइ, टीसीएस, आइसीआइसीआइ बैंक, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, एचयूएल और एलएंडटी का स्थान है। बाजार के डाटा के अनुसार एचडीएफसी बैंक (14.26 लाख करोड़ रुपये) और भारती एयरटेल (11.5 लाख करोड़ रुपये) वर्तमान में देश की दूसरे और तीसरे नंबर की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियां बनी हुई हैं। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार एसबीआई ने लगातार तीन तिमाहियों में आय के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दम पर बैंक के शेयर में पिछले एक साल में 62 फीसदी और पिछले छह महीने में 43 फीसदी का इजाफा हुआ है। सोमवार को एसबीआई का शेयर करीब 8 फीसदी चढ़ गया था और इस वजह से बैंक का बाजार पूंजीकरण पहली बार 10 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया था।
रिकॉर्ड मुनाफे से SBI में तेजी
एसबीआई के शेयरों में यह तेजी बैंक के दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद आई है। बैंक ने सालाना आधार पर 24.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज करते हुए शुद्ध लाभ में 21,028 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया, जो उसका अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा है। यह प्रदर्शन गैर-ब्याज आय में मजबूत वृद्धि, ठोस ऋण वृद्धि द्वारा समर्थित बेहतर शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई), बट्टे खाते में डाले गए खातों से रिकवरी और इसकी सहायक कंपनी एसबीआई म्युचुअल फंड से 2,200 करोड़ रुपये से अधिक की लाभांश आय से प्रेरित बतायी जा रही है। एसबीआई ने अपने क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस की ऊपरी सीमा को पहले के 12 से 14 फीसदी से बढ़ाकर 13 से 15 फीसदी कर दिया है जबकि वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने एग्जिट नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) के अनुमान को करीब 3 फीसदी पर बरकरार रखा है।
टीसीएस शेयरों में भारी गिरावट
इसके विपरीत, आईटी सेक्टर में वैश्विक स्तर पर आयी अनिश्चितता के कारण टीसीएस के शेयर हाल के सफतों में 30 अगस्त, 2024 के अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 4,552 रुपये से 36 फीसदी गिर गए हैं। बुधवार को शेयर 2.5 फीसदी गिरकर 2,909 रुपये पर बंद हुआ। इस आधार पर सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी का बाजार पूंजीकरण 10.5 लाख करोड़ रुपये रहा। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में अन्य टापटेन कंपनियों में आईसीआईसीआई (10.02 लाख करोड़ रुपये), इंफोसिस (6.10 लाख करोड़ रुपये), एचयूएल (5.78 लाख करोड़ रुपये), एलएंडटी (5.73 लाख करोड़ रुपये) और एक्सिस बैंक (4.18 लाख करोड़ रुपये) शामिल हैं।
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