प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

सरकार बैंक ऑफ महाराष्ट्र की हिस्सेदारी बेचेगी

केंद्र सरकार बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी

केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए जल्द ही ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) लाया जाएगा।

केंद्र सरकार बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी

केंद्र सरकार बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी |

Bank of Maharashtra : केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए जल्द ही ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) लाया जाएगा। केंद्र द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक बैंक में OFS यानी Offer For Sale की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गयी है। इसमें पहले नॉन रिटेल निवेशकों को मौका मिलेगा और फिर बुधवार को रिटेल निवेशक हिस्सा ले सकेंगे। 

केंद्र सरकार मंगलवार को ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिये बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 6 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके तहत केंद्र सरकार 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी और 1 प्रतिशत का ग्रीन शू ऑप्शन भी जोड़ा गया है। इससे कुल डिसइन्वेस्टमेंट 6 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

फ्लोर प्राइस 54 रुपये तय की गई है और मौजूदा कीमतों के हिसाब से सरकार को लगभग 1,800 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। बैंक के सितंबर क्वार्टर के आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार के पास बैंक में 79.6 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। मौजूदा बाजार भाव के आधार पर सिर्फ 5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से ही सरकार को लगभग 1,800 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। 

बैंक ऑफ महाराष्ट्र में ओएफएस सरकार के व्यापक विनिवेश कार्यक्रम

पेशकश का मूल आकार 38.46 करोड़ शेयर तय किया गया है, जिसमें 7.69 करोड़ अतिरिक्त शेयर बेचने का विकल्प भी है, जिससे कुल 46.15 करोड़ शेयर यानी 6 फीसदी इक्विटी हो जाएगी। सरकार ने 54 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर मंगलवार को शेयर मार्केट में 57.7 रुपये के आस पास ट्रेड कर रहा है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र में ओएफएस सरकार के व्यापक विनिवेश कार्यक्रम में एक और कदम है। अगले दो दिनों में बाजार की प्रतिक्रिया हिस्सेदारी में कमी और अंतिम आय का निर्धारण करेगी, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों के लिए निवेशकों की रुचि का पता चलेगा।

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/jyotiraditya-scindia-said-about-the-sanchar-saathi-app/99562

Related to this topic: