कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के विपक्षी सदस्यों ने सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के मामले को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ तख्तियां के लेकर नारेबाजी की और सदन में हंगामा किया।
तिरुवनंतपुरम (केरल)। आज केरल विधानसभा में हंगामेदार दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के विपक्षी सदस्यों ने सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के मामले को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ तख्तियां के लेकर नारेबाजी की और सदन में हंगामा किया। कुछ विपक्षी नेताओं ने विरोध करते हुए स्पीकर के आसन तक पहुंचने की कोशिश की।
स्पीकर के आसन और चैंबर तक पहुंचने की कोशिश
कांग्रेस विधायक अनवर सादात सहित विपक्षी नेताओं ने स्पीकर के चैंबर में घुसने की कोशिश की। विधानसभा से मिले विजुअल्स में हाउस वॉच एंड वार्ड कर्मियों को विपक्षी सदस्यों को रोकते हुए देखा गया। जैसे ही विरोध तेज हुआ, स्पीकर ए एन शमसीर अपनी सीट से उठे और चले गए। सदन की कार्यवाही अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।
विपक्ष पर जानबूझकर हंगामा करने का आरोप
सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री विजयन ने विपक्ष पर जानबूझकर हंगामा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कहा, "मंत्री पी राजीव ने हाई कोर्ट की टिप्पणियों के संबंध में अपना रुख साफ कर दिया है। हालांकि, ऐसा लगता है कि विपक्ष के नेता ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। SIT जांच रिपोर्ट ठीक से जमा की जा रही है, और हाई कोर्ट उसी के आधार पर जरूरी निर्देश दे रहा है। हाई कोर्ट की टिप्पणियां विपक्ष के मुंह पर तमाचा हैं। हाई कोर्ट बेंच ने SIT के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों का साफ जवाब दिया है।"
हाई कोर्ट के निर्देशों पर आधारित है SIT की हर कार्रवाई और जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि, "जमानत याचिकाओं पर विचार करते समय, हाई कोर्ट अक्सर ऐसी टिप्पणियां करता है जो उसे उचित लगती हैं। जांच एजेंसी को निर्देश सरकार नहीं, बल्कि हाई कोर्ट देता है। सिंगल बेंच की टिप्पणियों को जांच से संबंधित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। SIT द्वारा की गई हर कार्रवाई और जांच हाई कोर्ट डिवीजन बेंच के निर्देशों पर आधारित है।"
वॉच एंड वार्ड पर हमले का आरोप
विजयन ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने बैनर में इस्तेमाल की गई छड़ी से वॉच एंड वार्ड स्टाफ पर हमला करने की कोशिश की जिसे वॉच एंड वार्ड कर्मियों ने जब्त कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि, "यहां बिल्कुल भी भड़काऊ माहौल नहीं था। विपक्ष ने जानबूझकर हंगामा करने की कोशिश की। जब उन्हें कोर्ट में झटका लगा, तो विपक्ष का रुख था कि वे यहां आकर हंगामा कर सकते हैं और अपना मकसद हासिल कर सकते हैं।" सीएम विजयन के मुताबिक, विपक्ष के नेता पूरी तरह से हिंसा को सही ठहरा रहे हैं। वे विधानसभा में ऐसी हरकतें कर रहे है जसे नहीं दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने सदन से इसकी निंदा करने की अपील की।
वी.डी. सतीशन का SIT की जांच में खामियों का दावा
वहीं, विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने आरोप लगाया कि सबरीमाला सोने के नुकसान के मामलों में आरोपियों को वैधानिक जमानत मिल रही है और आरोप लगाया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच में खामियां थीं। उन्होंने कहा, "कोर्ट ने कहा है कि आरोपियों को वैधानिक जमानत इसलिए मिली क्योंकि चार्जशीट दाखिल नहीं की गई थी। कोर्ट ने बार-बार बताया है कि जांच में देरी हुई है।"
मुख्यमंत्री कार्यालय पर दबाव डालने का आरोप
वी.डी. सतीशन ने आगे कहा कि, "मुख्यमंत्री कार्यालय के दबाव के कारण जांच में बाधा डाली गई। अगर आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो बाकी सबूत भी नष्ट हो जाएंगे। पहली बार वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने जबरदस्ती विपक्ष का बैनर छीन लिया। इसीलिए विपक्ष के सदस्य मंच पर चढ़ गए। हमने कोई हिंसा नहीं की। वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने ही हिंसा करने की कोशिश की। स्पीकर हमें चुनौती दे रहे हैं। हमें सदन की कार्यवाही में सहयोग करने के लिए चर्चा के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था।"
सरकार का जवाब, जांच हाई कोर्ट की निगरानी में
सतीशन के आरोपों का जवाब देते हुए, देवस्वम मंत्री एम.बी. राजेश ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किए बिना ही सदन को बाधित किया। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ रही है और हाई कोर्ट की देखरेख में की जा रही है। केरल के कानून मंत्री पी. राजीव ने कहा कि विपक्ष स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच को पटरी से उतारने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहा है। मंत्री ने कहा, "हाई कोर्ट की टिप्पणियां विपक्ष के लिए एक झटका हैं। विपक्ष की ओर से सबसे पहले सोने के गायब होने की शिकायत करने वाला व्यक्ति उन्नीकृष्णन पोट्टी है, जो अब जेल में है। जो लोग बैनर लेकर विधानसभा में खड़े हैं, वे जानते हैं कि सोना किसने चुराया। हम हाई कोर्ट की देखरेख में किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।"
आसन तक पहुंचना गलत और दुर्भाग्यपूर्ण: स्पीकर
केरल विधानसभा स्पीकर ने कहा, "विपक्ष का स्पीकर के मंच पर घुसना सही नहीं था। यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने विपक्ष के खिलाफ कुछ नहीं किया। विपक्ष के सदस्यों ने ही कुर्सी पर चढ़ने की कोशिश की।"
आरोपियों को मिली जमानत
बता दें कि कोल्लम विजिलेंस कोर्ट ने सोमवार को सबरीमाला मंदिर से सोने के नुकसान से जुड़े दो मामलों में पूर्व त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) के कार्यकारी अधिकारी डी. सुधीश कुमार को वैधानिक जमानत दे दी। मंदिर के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू और एस श्रीकुमार को भी वैधानिक जमानत मिल चुकी है।
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