मेटा में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर जॉन हेगमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे अब अपनी खुद की नई स्टार्टअप कंपनी शुरू करने जा रहे हैं।
नई जिम्मेदारी अब एंड्रयू बॉकिंग के हाथों में
हेगमैन के इस्तीफे के बाद उनकी ज़िम्मेदारियां एंड्रयू बॉकिंग को सौंप दी गई हैं। एंड्रयू अब मेटा के ऐड प्रोडक्ट और रणनीति विभाग के साथ-साथ राजस्व प्रबंधन की भी जवाबदारी संभालेंगे। कंपनी के अंदर यह परिवर्तन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ऐड और रेवेन्यू—दोनों मेटा के सबसे महत्वपूर्ण बिज़नेस सेक्टर हैं।
लगातार हो रहे हैं बड़े पदों से इस्तीफे
जॉन हेगमैन से पहले भी मेटा के कई बड़े अधिकारी कंपनी छोड़ चुके हैं। हाल ही में खबर आई थी कि मेटा के चीफ एआई साइंटिस्ट यान लेकुन भी कंपनी से बाहर निकलकर अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठना शुरू हो गया है कि आखिर मेटा की टॉप लीडरशिप लगातार कंपनी छोड़कर नई शुरुआत क्यों कर रही है?
हेगमैन का फैसले के पीछे का कारण
रिपोर्ट्स के अनुसार जॉन हेगमैन लंबे समय से अपनी खुद की कंपनी शुरू करना चाहते थे। मेटा में कई साल काम करने के बाद उन्होंने यह कदम उठाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि यह उनके लिए एक “नई शुरुआत और नए अवसरों” का समय है। हालांकि, उन्होंने मेटा में अपनी यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण और यादगार बताया।
मेटा के लिए इसका क्या मतलब?
एक ही समय में टॉप लेवल अधिकारियों का लगातार कंपनी छोड़ना मेटा के लिए चुनौती बन सकता है।
- इससे कंपनी की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
- नए नेतृत्व को पुराने स्तर का अनुभव जुटाने में समय लग सकता है।
- प्रतियोगी कंपनियाँ इस दौरान अपने लिए नए मौके तलाश सकती हैं।
लेकिन मेटा की ओर से साफ कहा गया है कि कंपनी इसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और एंड्रयू बॉकिंग के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।
मेटा में यह बदलाव सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य की दिशा को तय करने वाला कदम भी माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस पर होगी कि जॉन हेगमैन की नई स्टार्टअप क्या नया लेकर आती है और मेटा आगे अपनी रणनीतियों को कैसे मजबूत बनाता है।
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