राजधानी के पिपलानी इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 14 वर्षीय छात्र अंश साहू ने आत्महत्या कर ली।
भोपाल। राजधानी के पिपलानी इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 14 वर्षीय छात्र अंश साहू ने आत्महत्या कर ली। अंश पढ़ाई में अच्छा था और खेलों में गोल्ड मेडलिस्ट भी रहा, लेकिन ऑनलाइन गेम फ्री-फायर की लत और उसमें 'प्रो प्लेयर' दिखने का दबाव उसकी जिंदगी पर भारी पड़ा। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है। यह बच्चों और किशोरों को घेरते जा रहे ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक प्रभाव की चेतावनी भी है।
दादा के अकाउंट से पैसे निकाले, फटकार लगी तो मानसिक दबाव में आया
परिजनों के अनुसार, अंश लंबे समय से फ्री-फायर गेम खेल रहा था। गेम में महंगे स्किन और हथियार खरीदने के लिए उसने अपने दादा के बैंक अकाउंट से करीब 28 हजार रुपये निकाल लिए। जब इस बात का खुलासा हुआ और घर में उसे डांट-फटकार लगी, तो वह मानसिक दबाव में आ गया।
प्रो बनने और ऑनलाइन पहचान बनाने का दबाव, फिर आत्मघाती कदम
बताया जा रहा है कि अंश खुद को गेम में दूसरों से पीछे महसूस करने लगा था। 'प्रो' बनने और ऑनलाइन पहचान बनाने का दबाव उसे भीतर ही भीतर तोड़ रहा था। इसी तनाव में उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल और गेमिंग हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सही वजह सामने आ सके। विशेषज्ञ कहते हैं, लगातार स्क्रीन टाइम, वर्चुअल पहचान का दबाव और हार-जीत की प्रतिस्पर्धा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है।
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