प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

डिंडोरी में बिना टैक्स बसों से 9 करोड़ चपत

डिंडोरी जिले में करीब दो दशक बिना टैक्स दौड़ती रहीं बसें, शासन को 9 करोड़ की चपत

डिंडौरी। जिले में परिवहन विभाग की मिलीभगत से टैक्स चोरी का एक सनसनीखेज मामले का पता चला है।

डिंडोरी जिले में करीब दो दशक बिना टैक्स दौड़ती रहीं बसें शासन को 9 करोड़ की चपत

tax evasion case |

डिंडौरी। जिले में परिवहन विभाग की मिलीभगत से टैक्स चोरी का एक सनसनीखेज मामले का पता चला है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने आकाश ट्रेवल्स के संचालकों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) डिंडोरी के एक बाबू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि वर्ष 2006 से 2025 तक (लगभग 19 साल) बिना टैक्स चुकाए बसें चलाई गईं, जिससे सरकारी खजाने को 9 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

बस संचालक पति-पत्नी पर मामला दर्ज व आरटीओ बाबू भी आरोपी

ईओडब्ल्यू ने बस संचालक संजय केश्वानी और उनकी पत्नी साधना केश्वानी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही, आरटीओ कार्यालय में पदस्थ संबंधित बाबू को भी आरोपी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, केश्वानी परिवार के नाम पर कुल 16 बसें पंजीकृत थीं। ये बसें डिंडोरी, जबलपुर, शहडोल, मण्डला और बालाघाट के विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही थीं।

​टैक्स और परमिट का भी खेल

शिकायत के अनुसार, करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया होने के बावजूद, आरटीओ विभाग के कर्मचारियों की साठगांठ से इन वाहनों को परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट लगातार जारी किए जाते रहे। ये बसें मुख्य रूप से डिंडोरी से बमहनी, बिछिया से डिंडोरी और अमरकंटक से मलाजखंड जैसे मार्गों पर चलती थीं।

राजस्व को भारी क्षति

ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल को मिली शिकायत के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें पाया गया कि विभाग और बस मालिकों की मिलीभगत से शासन को राजस्व की भारी हानि पहुंचाई गई है।

यह भी पढ़े: सीधी में रिश्वत लेते अफसर गिरफ्तार

https://www.primenewsnetwork.in/state/sidhi-officer-held-taking-1-lakh-bribe/146206

 

Related to this topic: