मध्यप्रदेश के ग्वालियर में व्यापम कांड में बर्खास्त किए गए छात्रों को मोटी रकम लेकर बिना परीक्षा दिए ही एमबीबीएस (MBBS) की डिग्रियां बांटने का आरोप लगा है।
ग्वालियर (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापम फर्जीवाड़े के बाद ग्वालियर से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, व्यापम कांड में बर्खास्त किए गए छात्रों को मोटी रकम लेकर बिना परीक्षा दिए ही एमबीबीएस (MBBS) की डिग्रियां बांटने का आरोप लगा है।
वायरल ऑडियो में हुआ खुलासा
इस घोटाले का पर्दाफाश एक वायरल ऑडियो के जरिए हुआ। इस ऑडियो में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) की छात्र शाखा (UG) के प्रभारी, प्रशांत चतुर्वेदी, बर्खास्त छात्रों को बिना परीक्षा दिए 16-16 लाख रुपये में डिग्री दिलाने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। व्हिसल ब्लोअर संदीप लहरिया ने आरोप लगाया है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी के अधिकारी मिलीभगत करके इन बर्खास्त छात्रों को डिग्री जारी कर रहे हैं।
कॉलेज ने लिया एक्शन
मामला तूल पकड़ते ही गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने आनन-फानन में प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी को उनके पद से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया है। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि डिग्री जारी करना यूनिवर्सिटी का कार्यक्षेत्र है। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि यूनिवर्सिटी की ओर से ऐसी कोई अनियमित डिग्री जारी नहीं की गई है और शिकायतकर्ता को जानकारी RTI के माध्यम से दी जा चुकी है।
अब हाईकोईट जाने की तैयारी
शिकायतकर्ता संदीप लहरिया का कहना है कि प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। वे इस घोटाले को लेकर अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं और मामले में CBI जांच की मांग करने वाले हैं।
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