पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रथम सरकार ने सड़कों पर नमाज अदा करने या हर तरह की धार्मिक सभा करने पर रोक लगा दी है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रथम सरकार ने सड़कों पर नमाज अदा करने या हर तरह की धार्मिक सभा करने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की नए सिरे से जांच होगी। इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होगी नमाज
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहले की तरह शुक्रवार या किसी खास मौके पर मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज अदा की जाती रही है। अब सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा नहीं की जा सकेगी। सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक सभा भी आयोजित नहीं की जा सकेगी।
लाउडस्पीकर पर भी सख्ती
इतना ही नहीं, धार्मिक स्थलों के बाहर लाउडस्पीकर की आवाज भी अनियंत्रित नहीं रहेगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सरकार के इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुस्लिम संगठनों ने किया स्वागत
शुभेंदु सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए कोलकाता के नाखौदा मस्जिद के ट्रस्टी नासिर इब्राहिम ने कहा कि कानून हर समुदाय पर समान रूप से लागू होना चाहिए। मुस्लिम संगठनों ने भी राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद रह चुके उत्तर चौबीस परगना के भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि अब राज्य में सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी। मस्जिद में ही नमाज अदा की जानी चाहिए।
2021 हिंसा मामलों की फिर होगी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के दौरान चुनाव आयोग ने पुलिस अधिकारियों को 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के बारे में तमाम जानकारियां जुटाने और शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। सरकार बनने के बाद 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच फिर से करने का आदेश दिया गया है।
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