बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद खबर है। यहां बारहसिंगा (स्वैम्प डियर) की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले दो वर्षों में इनकी संख्या 48 से बढ़कर 62 हो गई है।
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद खबर है। यहां बारहसिंगा (स्वैम्प डियर) की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले दो वर्षों में इनकी संख्या 48 से बढ़कर 62 हो गई है। खास बात यह है कि इस दौरान 14 नए शावकों का जन्म हुआ है, जिससे कुनबा और मजबूत हुआ।
बारहसिंगा पुनर्स्थापना योजना
वन विभाग के अनुसार, बारहसिंगा पुनर्स्थापना योजना के तहत लाए गए ये खास मेहमान अब बांधवगढ़ के प्राकृतिक वातावरण में पूरी तरह ढल चुके हैं। अनुकूल आवास, पर्याप्त घास के मैदान, जल स्रोत और बेहतर सुरक्षा के कारण इनका प्रजनन सफल रहा है। यही वजह है कि कुछ ही समय में इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
चार दशक रहे उल्लेखनीय
उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ में करीब चार दशक बाद बारहसिंगा की वापसी हुई है। कभी यहां इनकी उपस्थिति थी, लेकिन समय के साथ यह प्रजाति इलाके से लगभग समाप्त हो गई थी। अब पुनर्स्थापना प्रयासों की सफलता से न सिर्फ जैव विविधता समृद्ध हुई है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिली है।
वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक शिकार आधार मजबूत हुआ
वन अधिकारियों का कहना है कि बारहसिंगा जैसे शाकाहारी जीवों की संख्या बढ़ने से बाघों और अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के लिए भी प्राकृतिक शिकार आधार मजबूत होता है। इससे पूरे जंगल का संतुलन बेहतर होता है।
सतत निगरानी व संरक्षण से बढ़ेगी संख्या
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बारहसिंगा की बढ़ती संख्या को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता माना जा रहा है। आने वाले समय में वन विभाग की निगरानी और संरक्षण प्रयासों से यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/minor-rape-victims-quick-action-leads-to-rapid-driver-arrest/131942
रेपिडो चालक पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता की सूझबूझ से आरोपी गिरफ्तार