भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में ग्वालियर शहर में भवन निर्माण अनुमतियों को लेकर बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
ग्वालियर में नगर निगम और TNCP की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में ग्वालियर शहर में भवन निर्माण अनुमतियों को लेकर बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट में “नगर एवं ग्राम निवेश” (TNCP) और नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। बताया गया है कि शहर के केसर मॉल और इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट को विकास अनुज्ञा (NOC) तो जारी कर दी गई, लेकिन निर्माण कार्यों की न तो निगरानी की गई और न ही भौतिक सत्यापन कराया गया।
भौतिक सत्यापन में स्वीकृति से अधिक निर्माण
संयुक्त भौतिक सत्यापन के दौरान छह मामलों में पाया गया कि निर्मित क्षेत्र स्वीकृत क्षेत्र से अधिक है। केसर मॉल को स्वीकृति देते समय खुले पार्क के लिए जो जगह निर्धारित की गई थी, वहां अब पोडियम पार्क बना दिया गया है। इसी प्रकार इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में स्वीकृत नक्शे से अलग अतिरिक्त कमरे बनाए गए, हॉल की छत पर बार तैयार किया गया और डिजाइन में बदलाव कर निर्माण किया गया। इतना ही नहीं, सड़क चौड़ीकरण के लिए छोड़ी जाने वाली जमीन पर भी निर्माण और पार्किंग विकसित कर दी गई।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
कैग रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम हरकत में आ गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान और नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन कर निर्माण किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वीकृति कुछ और, उपयोग कुछ और
रिपोर्ट में कई ऐसे मामलों का भी खुलासा हुआ है, जहां भवनों का उपयोग स्वीकृति के विपरीत किया जा रहा है। एम्पायर रिसोर्ट तुरारी को होटल के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां मैरिज गार्डन संचालित हो रहा है। 7 हिल्स रिसोर्ट को रिसोर्ट की स्वीकृति मिली, जबकि वहां भी मैरिज गार्डन चल रहा है। चोपड़ा चेस्ट, KMJ, अंश और सरल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल को आवासीय उपयोग की अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। आर्किड टावर को अतिथि गृह की अनुमति मिली थी, जबकि वहां 13 मंजिला आवासीय और वाणिज्यिक टावर (फ्लैट) बन चुके हैं।
MOS के नियमों की अनदेखी
शिवहरे रिसोर्ट को MOS के अनुसार खाली स्थान छोड़ना था, लेकिन उस जगह पर पोर्च, स्वागत कक्ष और रेस्टोरेंट बनाकर निर्मित क्षेत्र बढ़ा दिया गया, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
तीन साल में हजारों मंजूरी, पूर्णता प्रमाण लगभग शून्य
- कैग रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि तीन साल में 33,018 भवन निर्माण की मंजूरी दी गई, लेकिन पूर्णता प्रमाण पत्र केवल दो भवनों को ही जारी किए गए। यह स्थिति निर्माण कार्यों की निगरानी और नियामकीय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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