जिले से सिस्टम की लाचारी और सत्ता के कथित दुरुपयोग का एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है।
डिंडोरी। जिले से सिस्टम की लाचारी और सत्ता के कथित दुरुपयोग का एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है। एक लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी), जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, आज अपनी ही निजी भूमि को बचाने के लिए सरकारी तंत्र के सामने घुटने टेकने पर मजबूर हैं।
यह है मामला
पीड़ित लोकतंत्र सेनानी का आरोप है कि भाजपा के मंडल अध्यक्ष भजन दास चक्रवर्ती ने उनकी निजी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने अपनी जमीन वापस पाने के लिए हर संभव प्रशासनिक दरवाजा खटखटाया, लेकिन सत्ता पक्ष के दबाव या प्रशासनिक उदासीनता के कारण उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।
तो सौंप देंगे सम्मान पत्र
लगातार हो रही अनदेखी से परेशान होकर, लोकतंत्र सेनानी मंगलवार को डिंडोरी जिला कार्यालय में आयोजित 'जनसुनवाई' में पहुंचे। उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए घोषणा की कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे शासन द्वारा दिया गया अपना 'सम्मान पत्र' कलेक्टर को वापस लौटा देंगे। उनका कहना है कि जिस तंत्र ने उनके सम्मान की रक्षा नहीं की, उस तंत्र से मिले सम्मान का कोई औचित्य नहीं है।
अवैध कब्जे से मुक्ति और न्याय की मांग
प्रशासनिक प्रतिक्रिया फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या ठोस कार्रवाई की खबर नहीं आई है। लेकिन जनसुनवाई की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। यह घटना सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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