शहर में एक दर्दनाक घटना घटी है। यहां एक घर में ईवी चार्ज करने के दौरान भीषण आग लग गई, जिसमें शहर के बड़े वयापारी सहित परिवार को 7 लोगों की मौत हो गई।
इंदौर। शहर में एक दर्दनाक घटना घटी है। यहां एक घर में ईवी चार्ज करने के दौरान भीषण आग लग गई, जिसमें शहर के बड़े वयापारी सहित परिवार को 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
बिजिली कटने से नहीं खुला इलेक्ट्रॉनिक लॉक
हादसे में विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22), सुमन (60), मनोज (65), सिमरन (30), राशि सेठिया (12) और टीनू (35) की मौत हुई है। इसके साथ सौरभ पुगलिया (30), आशीष (30) और हर्षित पुगलिया (25) घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि चार लोग बाहर गये थे और करीब 8 लोग घर के अंदर थे। एक राहगीर सुबह टहलने के लिए निकला था तब देखा कि घर में आग लगी हुई है। उसने शोर मचाया तो घर के चार लोग बाहर आ गये। करीब 8 लोग अंदर थे। बिजली तब बंद हो गई इसलिए घर का इलेक्ट्रॉनिक लॉक नहीं खुला।
घर के बाहर कार चार्ज हो रही थी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग घर के बाहर चार्ज हो रही एक इलेक्ट्रिक वाहन (ई-व्हीकल) के कारण लगी। बताया जा रहा है कि चार्जिंग के दौरान अचानक विस्फोट हुआ, जिसके चलते आग तेजी से फैल गई और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना स्थल पर पहुंचे दमकल कर्मी
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 6 लोगों की जान जा चुकी थी। इस बीच एमजीएम मेडिकल कालेज के डीन डॉ अरविंद घरघोरिया ने बताया कि 7 सात लोगों का पोस्टमार्टम हुआ है। दो लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। चार लोग सिवियर बर्न हैं।
कार की बैट्री में विसफोट हुआ, घायल अस्पताल में भर्ती
इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में विस्फोट हुआ, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच जारी है। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था हादसा
इससे पहले 23 अक्टूबर 2025 की सुबह इंदौर के कारोबारी और कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के घर भी ऐसा ही हादसा हुआ था। उनके घर मंदिर में जल रही अखंड ज्योति से आग पूरे पेंट-हाउस में फैल गई थी। उनके यहां भी आग से घर में लगे डिजिटल लॉक ने काम करना बंद कर दिया था। प्रवेश अग्रवाल की पत्नी और बेटी को बचाकर अस्पताल में भर्ती किया गया था। उन्हें बचाते हुए प्रवेश अग्रवाल की मौत हो गई थी।
एक्सर्ट कमेटी बनाएंगे- कैलाश
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- ईवी का युग है, इसलिए यह अलार्मिंग सिचुएशन है, जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाएंगे।
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