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फर्जी MBBS डिग्री पर की पहले खुद नौकरी...

फर्जी MBBS डिग्री पर की पहले खुद नौकरी, फिर बना 'डिग्री सप्लायर'

दमोह। ​राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (RCH) के तहत संजीवनी क्लीनिकों में फर्जी MBBS डिग्री के जरिए नौकरी पाने के...

फर्जी mbbs डिग्री पर की पहले खुद नौकरी फिर बना डिग्री सप्लायर

फर्जी MBBS डिग्री पर की पहले खुद नौकरी, फिर बना 'डिग्री सप्लायर' |

दमोह। ​राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (RCH) के तहत संजीवनी क्लीनिकों में फर्जी MBBS डिग्री के जरिए नौकरी पाने के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। पुलिस ने भोपाल से पकड़े गए मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल के बाद अब आरोपी कुमार सचिन यादव और राजपाल गौर को भी चार दिन की रिमांड पर लिया है।

इस मामले में यह तीसरी बार है, जब दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाई गई है। जबकि मास्टर माइंड हीरा सिंह की रिमांड पहले ही पांच दिन की ले ली गई है।

ग्वालियर का मुकेश विदिशा में कर चुका नौकरी

अब तक की पुलिस जांच में पता चला है कि ग्वालियर निवासी मुकेश चौधरी पहले खुद फर्जी एमबीबीएस डिग्री के आधार पर विदिशा में नौकरी कर चुका था। पकड़े जाने का खतरा बढ़ने पर उसने नौकरी छोड़ दी और बाद में फर्जी डिग्री तैयार करने वाले गिरोह का हिस्सा बन गया। उसने यह काम किसी मुकेश जाटव नामक व्यक्ति के साथ मिलकर किया है। बताया जा रहा है कि मुकेश चौधरी के परिजन वास्तविक एमबीबीएस डॉक्टर हैं और उन्हीं के दस्तावेजों के आधार पर फर्जी डिग्रियां तैयार करके बेची गईं।

दमोह के 10 संविदा डॉक्टरों की फिर होगी जांच

सीएमएचओ डॉ. राजेश अहिरवार ने बताया कि मामले में सामने आए दोनों डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, हालांकि भोपाल स्तर से अभी आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। सागर जेडी कार्यालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिले में कार्यरत शेष 10 संविदा डॉक्टरों के दस्तावेजों की भी दोबारा जांच कराई जाएगी। इसके लिए अलग कमेटी बनाई गई है, जो प्रत्येक डॉक्टर को बुलाकर उसके दस्तावेजों का सत्यापन करेगी।

​फर्जीवाड़ा के बड़ा होने की आशंका

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने डिग्रियों में गंभीर गड़बड़ियां की। इनके मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रेशन तो दूसरे के थे ही, साथ में जिन डिग्रियों पर GR मेडिकल कॉलेज ग्वालियर और जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर का उल्लेख किया गया, उनकी संबद्धता भी फर्जी है। जबकि मध्यप्रदेश की सभी मेडिकल कॉलेज नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर से संबद्ध बताई गई हैं।

ऐसे में अफसरों को गुमराह करने के लिए मास्टर माइंड हीरा सिंह कौशल और मुकेश चौधरी ने इस तरह का फर्जीवाड़ा किया। फिलहाल इससे फर्जीवाड़े का नेटवर्क और बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। 

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