ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के दवा उद्योग पर दिखने लगा है।
इंदौर। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के दवा उद्योग पर दिखने लगा है। युद्ध की स्थिति और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों के कारण प्रदेश की करीब 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है।
सप्लाई चेन हुआ प्रभावित
मध्य प्रदेश से होने वाली दवाओं की सप्लाई दुनिया के 190 देशों में रुक गई है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो कई इकाइयों में कामबंदी की नौबत आ सकती है। रेड सी (लाल सागर) और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर युद्ध के खतरे को देखते हुए शिपिंग कंपनियों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं।
दवा के कंटेनर बंदरगाह में फंसे हैं
जहाजों का आवागमन बंद होने या मार्ग बदलने के कारण दवाओं के कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं। माल ढुलाई (Freight) की दरों में भारी बढ़ोतरी और कच्चे माल (Raw Material) की कमी ने स्थानीय दवा निर्माताओं की चिंता बढ़ा दी है।
करोड़ों के टर्नओवर पर अनिश्चितता के बादल
मध्य प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री, जो सालाना करोड़ों का टर्नओवर करती है, इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। निर्यात रुकने से न केवल विदेशी मुद्रा का नुकसान हो रहा है, बल्कि उत्पादन प्रक्रिया भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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