सोना अब सिर्फ महिलाओं का आभूषण नहीं घरों की अर्थव्यवस्था को संभालने का जरिया बन गया है।
लखनऊ। सोना अब सिर्फ महिलाओं का आभूषण नहीं घरों की अर्थव्यवस्था को संभालने का जरिया बन गया है। देश की अर्थव्यवस्था में हाल में आयी मंदी और आम आदमी की आय में आयी गिरावट के बीच सामान्य परिवारों में सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
कीमतों में उछाल से बढ़ी लोन की मांग
सोने की कीमत में हाल में आये उछाल के बाद गोल्ड लोन सामान्य घरों के नकदी जुटाने का बड़ा जरिया बन गया है। नतीजतन यूपी ने गोल्ड लोन के मामले में रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। 0.3 लाख करोड़ के गोल्ड लोन के साथ यूपी देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। तमिलनाडु इस क्षेत्र में पहले स्थान पर है।
एक साल में 50% की तेज वृद्धि
"क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्रा. लि." (क्रिफ हाई मार्क) की क्रेडिटस्केप रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में गोल्ड लोन के मामले में सिर्फ एक साल में करीब 50% की वृद्धि दर्ज हुई है। नवंबर 2025 तक यूपी में करीब 30 हजार करोड़ रुपये का गोल्ड लोन बांटा जा चुका है।
टॉप-10 राज्यों में यूपी की एंट्री
आंकड़ों के अनुसार यूपी अब देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल हो गया है, जहां गोल्ड लोन का बाजार विकसित हो रहा है। गोल्ड लोन के सेक्टर में दक्षिण भारतीय राज्यों का दबदबा है। देश के कुल गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का करीब 91% हिस्सा सिर्फ शीर्ष 10 राज्यों में है। इसमें यूपी भी शामिल है। यूपी में भी इस लोन का बाजार विस्तार ले रहा है। अब यूपी इस सूची में देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। राज्य का कुल पोर्टफोलियो लगभग 0.3 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसमें सालाना करीब 50 फीसदी की वृद्धि हुई है।
तेजी से बढ़ रही कर्ज लेने की क्षमता
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में लगातार तेजी के कारण लोगों की कर्ज लेने की पात्रता बढ़ी है। इसलिए कम समय में गोल्ड लोन का आकार तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2025 तक देश भर में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में 41.9% की सालाना वृद्धि हुई, जो अन्य रिटेल लोन श्रेणियों से कहीं अधिक है।
बैंकों का दबदबा, NBFC भी आगे
गोल्ड लोन बाजार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का दबदबा है। ये बैंक देश भर में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं। वहीं, गोल्ड लोन पर केंद्रित गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) की लोन संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2.5 लाख रुपये से अधिक के गोल्ड लोन का हिस्सा बढ़कर 8 माह में 59 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। यानी लोग अब बड़ी रकम के लिए भी सोने को गिरवी रख रहे हैं। दरअसल, गोल्ड लोन मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वहीं, यह एक सुरक्षित कर्ज श्रेणी भी माना जाता है क्योंकि इसमें कोलेटरल के रूप में सोना मौजूद रहता है।
टॉप-10 राज्यों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो
टॉप-10 राज्यों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो और हिस्सेदारी इस प्रकार है -
- तमिलनाडु - 5.2 लाख करोड़ (33.2%).
- आंध्र प्रदेश - 2.6 लाख करोड़ (16.6%).
- कर्नाटक - 1.5 लाख करोड़ (9.8%).
- तेलंगाना - 1.3 लाख करोड़ (8.5%).
- केरल - 1.2 लाख करोड़ (8.0%).
- महाराष्ट्र - 0.9 लाख करोड़ (5.7%).
- उत्तर प्रदेश - 0.3 लाख करोड़ (2.1%).
- गुजरात - 0.3 लाख करोड़ (3.0%).
- राजस्थान - 0.3 लाख करोड़. (2.1%).
- ओडिशा - 0.3 लाख करोड़ (1.8%).
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