प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

बिहार में सम्राट युग की शुरुआत

सम्राट चौधरी बने बिहार के नए मुख्यमंत्री, नीतीश युग का अंत

भाजपा के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चौधरी बुधवार सुबह बिहार लोक भवन स्थित राज्यपाल आवास पहुंचे। यहां उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

सम्राट चौधरी बने बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश युग का अंत

Samrat Choudhary Takes Oath as Bihar Chief Minister |

पटना (बिहार)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चौधरी सुबह पहले बिहार लोक भवन स्थित राज्यपाल आवास पहुंचे। यहां उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। उन्होंने नीतीश कुमार की जगह ली है, जिन्होंने एक दशक से अधिक समय तक राज्य का नेतृत्व करने के बाद राज्यसभा जाने का फैसला किया।

भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी

बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पटना के लोक भवन में सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद वे बिहार के पहले भाजपा के मुख्यमंत्री बने हैं। 57 वर्षीय सम्राट चौधरी के सामने बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि वे नीतीश कुमार की जगह ले रहे हैं, जिन्होंने 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

एनडीए के नए अध्याय की शुरुआत

उनका मुख्यमंत्री बनना एक ऐसे दौर का अंत माना जा रहा है, जो नीतीश कुमार के "सुशासन" के नाम से जाना जाता था और यह बिहार में एनडीए के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। सम्राट चौधरी का सत्ता तक पहुंचना खास माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने राजनीति में अपनी शुरुआत साधारण पृष्ठभूमि से की थी। उन्होंने 1990 के दशक में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और बाद में 2018 में भाजपा में शामिल हो गए।

परिवार से मिला राजनीतिक विरासत

साल 1968 में जन्मे सम्राट चौधरी का परिवार राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता शकुनी चौधरी तारापुर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे हैं। उनकी मां पार्वती देवी ने 1998 में इसी सीट से अब समाप्त हो चुकी समता पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की थी।

कभी रहे नीतीश के आलोचक, अब बने उत्तराधिकारी

भाजपा और जेडीयू के बीच 2024 में फिर से गठबंधन बनने से पहले, सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के सबसे कड़े आलोचक माने जाते थे। साल 2022 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रण लिया था कि जब तक नीतीश कुमार सत्ता से हट नहीं जाते, तब तक वे अपनी केसरिया पगड़ी (जिसे बिहार में मुरेठा कहा जाता है) नहीं उतारेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष से मुख्यमंत्री तक का सफर

इन्हें 2023 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और 2024 में ये बिहार के उपमुख्यमंत्री बने। 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद यह अटकलें तेज हो गई थीं कि नीतीश कुमार राज्य की राजनीति से दूर हो सकते हैं। ओबीसी समुदाय में मजबूत पकड़ और आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण सम्राट चौधरी हमेशा मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/noida-21-percent-wage-hike-sparks-msme-concerns/174512

नोएडा में मजदूरी बढ़ोतरी का ऐलान, 21 फीसदी इजाफे पर MSME सेक्टर में नाराजगी

Related to this topic: