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गूगल निवेश $15 अरब, विशाखापत्तनम एआई हब

भारत में गूगल का 15 अरब डॉलर निवेश, विशाखापत्तनम बनेगा एआई हब

नई दिल्ली। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भारत में 15 अरब डॉलर निवेश का वादा किया।

भारत में गूगल का 15 अरब डॉलर निवेश विशाखापत्तनम बनेगा एआई हब

Sundar Pichai India visit |

नई दिल्ली। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में मुख्यवक्ता के रूप में भाषण देते हुए अपनी जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला और भारत में एक बड़े अवस्थापना का वादा किया जिसमें 15 अरब डालर का निवेश किया जाएगा।

भारत मंडपम से दिया भविष्य का संदेश

भारत मंडपम में खास अतिथियों को संबोधित करते हुए भारतीय परिदृश्य में बदलाव का उल्लेख करते हुए अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य अतिथियों से उन्होंने कहा कि भारत लौटकर आना हमेशा आश्चर्यजनक लगता है। उन्होंने कहा— जब भी भारत आता हूं तो यहां परिवर्तन की रफ्तार को देखकर चकित हो जाता हूं। पीछे मुड़कर देखता हूं तो याद आता है कि जब मैं छात्र था तो चेन्नई से खड़गपुर आईआईटी जाने के लिए कोरोमंडल एक्सप्रेस पकड़ता था और रास्ते में विशाखापत्तनम से गुजरता था। उस समय यह एक शांत तटीय शहर था, जिसमें संभावनाएं तो थीं, लेकिन विकास सीमित था।

अब बनेगा गीगावाट क्षमता वाला एआई हब

आज वही शहर गूगल के भारत में 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे में निवेश का केंद्र बनने जा रहा है। पिचाई ने घोषणा की कि यहां एक पूर्ण-स्तरीय एआई हब स्थापित किया जाएगा। इसके पूरा होने पर इसमें गीगावाट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता होगी और एक नया अंतरराष्ट्रीय सब-सी केबल गेटवे भी बनाया जाएगा।

रोजगार और तकनीक आम लोगों तक

उनका कहना है कि इससे पूरे देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अत्याधुनिक एआई तकनीक आम लोगों और कारोबारों तक पहुंचेगी।

किसानों तक पहुंचा एआई आधारित पूर्वानुमान

सुंदर पिचाई ने बताया कि पिछली गर्मियों में पहली बार भारत सरकार ने एआई-आधारित पूर्वानुमान लाखों किसानों तक पहुंचाए। यह गूगल के न्यूरलजीसीएम मॉडल की मदद से संभव हुआ, जिसने मौसम और अन्य आंकड़ों के आधार पर सटीक अनुमान उपलब्ध कराए। उन्होंने भाषा समावेशन को भी महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया। उदाहरण देते हुए कहा कि घाना में गूगल विश्वविद्यालयों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर 20 से अधिक अफ्रीकी भाषाओं में शोध और ओपन-सोर्स टूल विकसित कर रहा है।

तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे

पिचाई के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक अवसर और अन्य सामाजिक क्षेत्रों की चुनौतियों से निपटने के लिए इसी तरह की साहसिक सोच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीक से अपार लाभ मिल सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इनका फायदा हर व्यक्ति तक पहुंचे।

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