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सरकार बेच सकती है IDBI में हिस्सेदारी

ओएफएस के जरिए आईडीबीआई में हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार

नई दिल्ली। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण (Strategic Disinvestment) में विफलता के बाद, केंद्र सरकार अब ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से अपनी और एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।

ओएफएस के जरिए आईडीबीआई में हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार

Government Privatization Plans |

नई दिल्ली। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण (Strategic Disinvestment) में विफलता के बाद, केंद्र सरकार अब ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से अपनी और एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यह कदम बैंक में सार्वजनिक हिस्सेदारी (Public Float) बढ़ाने, वैल्युएशन (Valuation) चिंताओं को दूर करने और रणनीतिक विनिवेश में आ रही दिक्कतों के कारण उठाया जा रहा है।

रणनीतिक विनिवेश योजना रही विफल

जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने का प्रयास विफल होने के बाद अब सरकार ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) का विकल्प चुन सकती है। आईडीबीआई बैंक में वर्तमान में सरकार की 45.48% और एलआईसी की 49.24% हिस्सेदारी है। यानी कुल 94.71% की सरकारी हिस्सेदारी के साथ अभी बैंक में केवल 5.29 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक शेयरधारकों के पास है।

पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% करने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, सरकार आईडीबीआई बैंक में सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने के लिए ओएफएस के जरिए शेयर बेचने पर विचार कर सकती है। सरकार का उद्देश्य ओएफएस के जरिए पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 25% के नियामक मानक को पूरा करना है।

आरक्षित मूल्य से कम मिली थी बोली

केंद्र ने मार्च 2026 में सरकार और एलआईसी द्वारा संयुक्त रूप से धारित 60.72% की बहुमत हिस्सेदारी बेचने का प्रयास किया था। लेकिन कथित तौर पर दो संभावित खरीदारों की वित्तीय बोलियां आरक्षित मूल्य से कम पाए जाने के बाद प्रस्तावित बिक्री को रद्द कर दिया गया था। असफल योजना के अनुसार, सरकार और एलआईसी दोनों को क्रमशः 30.48% और 30.24% हिस्सेदारी बेचनी थी।

आईडीबीआई बैंक का वित्तीय प्रदर्शन

आईडीबीआई बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो बैंक ने दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए ₹1,935 करोड़ का लगभग स्थिर लाभ दर्ज किया। एलआईसी के नियंत्रण वाले बैंक ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹1,908 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।

आय और ब्याज आय में गिरावट

आईडीबीआई बैंक ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय घटकर ₹8,282 करोड़ रह गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹8,565 करोड़ थी। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बैंक की ब्याज आय भी घटकर ₹7,074 करोड़ रह गई, जबकि एक साल पहले यह ₹7,816 करोड़ थी।

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