मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गुना के पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
गुना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गुना के पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन पर गंभीर मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने और समय पर कार्रवाई न करने का आरोप है।
यह है पूरा मामला
19 मार्च को गुना पुलिस ने चेकिंग के दौरान गुजरात के एक व्यापारी की कार से 1 करोड़ रुपये की नकदी पकड़ी थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इस मामले को दबाने के लिए व्यापारी से 20 लाख रुपये की रिश्वत ली और उसे जाने दिया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मध्य प्रदेश पुलिस को इस संदिग्ध लेन-देन की सूचना दी।
एसपी को हटाने की दो मुख्य वजहें
एसपी अंकित सोनी ने इतने बड़े हवाला कांड और जब्ती की जानकारी अपने सीनियर अफसरों (आईजी या डीजीपी) को नहीं दी।मामला सामने आने के बावजूद उन्होंने दोषियों पर त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की। दिलचस्प बात यह है कि इस घटना से ठीक एक हफ्ते पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एसपी अंकित सोनी के कामकाज की तारीफ की थी।
नई एसपी हितिका वसल के बारे में
अंकित सोनी की जगह अब IPS हितिका वसल को गुना का नया एसपी नियुक्त किया गया है। वे 2017 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने इंग्लैंड की मशहूर मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल की है। गुना की जिम्मेदारी मिलने से पहले वे इंदौर में पदस्थ थीं और उनकी कार्यशैली की पंजाब से लेकर मध्य प्रदेश तक काफी चर्चा रही है।
करेरा एसडीओपी आयुष को जांच सौंपी
इस मामले की विभागीय जांच शिवपुरी जिले के करेरा एसडीओपी (IPS) आयुष जाखड़ को सौंपी गई है। शासन ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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