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भीषण गर्मी का डबल अटैक

भीषण गर्मी का डबल अटैक, प्लेटलेट्स गिरने और किडनी फेल होने का बढ़ा खतरा

चिकित्सकों के विश्लेषण के अनुसार भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के कहर से लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा है।

भीषण गर्मी का डबल अटैक प्लेटलेट्स गिरने और किडनी फेल होने का बढ़ा खतरा

फाइल फोटो |

भोपाल (मध्य प्रदेश)। चिकित्सकों के विश्लेषण के अनुसार भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के कहर से लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा है। इस बार केवल सामान्य डिहाइड्रेशन ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी और वायरल संक्रमण मिलकर शरीर पर 'डबल अटैक' कर रहे हैं।

वायरल बुखार में तेजी सेगिर रहे प्लेटलेट्स

आमतौर पर प्लेटलेट्स गिरने की समस्या को लोग केवल डेंगू या मलेरिया से जोड़कर देखते हैं। लेकिन इस भीषण गर्मी के मौसम में डॉक्टरों ने एक नया और चिंताजनक पैटर्न देखा है। अत्यधिक ऊंचे तापमान के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) काफी कमजोर हो रही है। इस कमजोर इम्यूनिटी के कारण सामान्य वायरल बुखार की चपेट में आने वाले मरीजों के शरीर में भी प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घट रही है।

डिहाइड्रेशन से किडनी को गंभीर खतरा

तपती गर्मी और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) का सीधा असर इंसानी शरीर के सबसे मुख्य अंगों, विशेषकर किडनी (Kidneys) पर पड़ रहा है। शरीर में पानी की अत्यधिक कमी होने के कारण रक्त का प्रवाह (Blood Circulation) प्रभावित होता है, जिससे किडनी को खून साफ करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। डॉक्टरों के अनुसार, डिहाइड्रेशन को समय रहते न संभाला जाए, तो यह 'एक्यूट किडनी इंजरी' (AKI) या किडनी फेलियर का कारण भी बन सकता है।

अत्यधिक तापमान के कारण कमजोर हो रही इम्यूनिटी

चिकित्सकों का क्या मानना है कि अत्यधिक तापमान और वायरल अटैक के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) लगातार कमजोर हो रही है। यही कारण है कि इस बार अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और मरीजों में गंभीर लक्षण मिल रहे हैं।

डबल अटैक से बचने के उपाय

केवल प्यास लगने पर ही नहीं, बल्कि दिनभर नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या नारियल पानी पीते रहें।दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना वजह बाहर निकलने से बचें। यदि तेज बुखार हो, चक्कर आएं, उल्टी हो या पेशाब का रंग गहरा पीला हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट (CBC) करवाएं। स्वयं से एंटीबायोटिक दवाइयां लेने की गलती बिल्कुल न करें।

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