रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक घटना सामने आई है। एक तेज रफ्तार वाहन...
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक घटना सामने आई है। एक तेज रफ्तार वाहन ने पैदल जा रही जैन साध्वियों (आर्यिकाओं) को कुचल दिया। इस हादसे में हुई मौतों के बाद पूरे मध्य प्रदेश के जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई है और जबलपुर व नरसिंहपुर सहित कई जिलों में समाज का गुस्सा फूट पड़ा है।
रीवा में पुलिस कंट्रोल रूप के सामने की घटना
यह भीषण हादसा रीवा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कलेक्ट्रेट और पुलिस कंट्रोल रूम के सामने मुख्य मार्ग पर घटित हुआ। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर महाराज की दीक्षित शिष्याएं 105 आर्यिका श्रुतमती माताजी एवं 106 आर्यिका उपशममती माताजी, जो कि ग्रीष्मकालीन वाचना, धार्मिक शिक्षण के लिए क्षेत्र में प्रवास कर रही थीं) सुबह-सुबह सड़क किनारे से अपनी नित्यक्रिया (शौच क्रिया) के लिए जा रही थीं।
बेकाबू कार ने मारी जोरदार टक्कर
इसी दौरान एक बेकाबू और तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आर्यिका श्रुतमती माताजी का मौके पर ही आकस्मिक समाधि मरण (निधन) हो गया, जबकि अन्य साध्वियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, जिसे बाद में जबलपुर पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया।
जैन समाज में फूटा आक्रोश, जगह-जगह सौंपे ज्ञापन
इस घटना को लेकर दिगंबर जैन समाज में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। जैन समाज का आरोप है कि जिस तरह से टक्कर मारकर चालक गाड़ी लेकर भागा है, वह महज एक मानवीय चूक या सामान्य एक्सीडेंट नहीं, बल्कि एक जानबूझकर किया गया कृत्य प्रतीत होता है। इसके विरोध में मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
नरसिंहपुर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
सुरक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जैन समाज के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने नरसिंहपुर में जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।
जबलपुर एसपी से की मुलाकात
मध्य प्रदेश दिगंबर जैन परिषद की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष सुमन कुमार जैन के नेतृत्व में समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक (SP)संपत उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल समर्थकों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे रीवा पुलिस प्रशासन और सरकार से बात करके अपराधियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग करेंगे।
संतों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
ज्ञापन सौंपने के दौरान जैन समाज के नेताओं ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अपरिग्रही होते हैं और वे आजीवन केवल पैदल (पदविहार) ही यात्रा करते हैं। सुबह और शाम के समय उनके मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। समाज ने सरकार से मांग की है कि पूरे मध्य प्रदेश में पदविहार कर रहे जैन संतों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन को तत्काल कड़े निर्देश जारी किए जाएं।
संतों के विहार के दौरान पर्याप्त पुलिस सुरक्षा बल या एस्कॉर्ट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनके सुरक्षित धार्मिक आचरण के संवैधानिक अधिकार का सम्मान हो सके। पुलिस प्रशासन ने जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अवश्य करेंगे और रीवा पुलिस से संपर्क कर मामले में निष्पक्ष व कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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